Fact Check:टाटा ग्रुप ने किया एक रुपये में नए संसद भवन का निर्माण? जानिए वायरल दावे का सच
वायरल तस्वीरों के साथ ही दावा किया जा रहा है कि टाटा ग्रुप ने नए संसद भवन के निर्माण के लिए सिर्फ एक रुपये लिया है। साथ ही इसे महज 17 महीनों में ही पूरा कर दिया।

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नए संसद भवन के निर्माण के लिए टाटा ग्रुप को सिर्फ 1 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इस दावे को तब किया जा रहा है जब पीएम मोदी ने हाल ही में नए संसद भवन का निरीक्षण किया।
वायरल हो रही तस्वीरों में नए संसद भवन की एक तस्वीर के साथ कैप्शन दिया गया, जिसमें लिखा हुआ है कि 'न्यू इंडियन हाउस, दो नए रिकॉर्ड्स । इसे महज 17 महीनों में बनाया गया। टाटा ने इसे बनाया और सरकार को लागत सिर्फ एक रुपये आई। ये देश को टाटा का गिफ्ट है। सैल्यूट सर, आपकी टीम और पूरे टाटा ग्रुप को।'
ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। साथ ही दावा किया जा रहा है कि नए संसद भवन के निर्माण के लिए टाटा ने सिर्फ एक रुपये लिया और इसे 17 महीनों में पूरा कर दिया। वहीं, जब हमारी फैक्ट्स चेक की टीम ने इस बारे में पता लगाया तो बातें काफी अलग नजर आईं।

हमने टाटा ग्रुप और पार्लियामेंट हाउस से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला तो इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें लिखा हुआ था कि 861.9 करोड़ में टाटा प्रोजेक्ट्स ने संसद प्रोजेक्ट को पूरा करने की बात कही, जबकि एलएंडटी (लार्सन एंड टुब्रो) ने इस प्रोजेक्ट के लिए 865 करोड़ रुपये की लागत बोली थी।
फैक्ट्स
इसके बाद हमारी टीम ने ये पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में कही बाते निराधार है। साथ ही टाटा ये प्रोजेक्ट एक रुपये में नहीं बल्कि 961.9 करोड़ रुपये में कर रही है। साथ ही इसके 17 महीने में पूरा होने की बात भी सत्य नहीं पाई गई, ये प्रोजेक्ट अभी भी निर्माणाधीन है। वायरल दावा झूठा है।
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Fact Check
दावा
वायरल तस्वीरों के साथ ही दावा किया जा रहा है कि टाटा ग्रुप ने नए संसद भवन के निर्माण के लिए सिर्फ एक रुपये लिया है। साथ ही इसे महज 17 महीनों में ही पूरा कर दिया।
नतीजा
टाटा ये प्रोजेक्ट एक रुपये में नहीं बल्कि 961.9 करोड़ रुपये में कर रही है। साथ ही इसके 17 महीने में पूरा होने की बात भी सत्य नहीं पाई गई, ये प्रोजेक्ट अभी भी निर्माणाधीन है। वायरल दावा झूठा है।












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