Fact Check: सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा, रेल हादसे के बाद मुस्लिम अधिकारी मौके से भाग गया, जानिए सच
बालासोर रेल हादसे के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हो रही है कि स्टेशन पर तैनात मुस्लिम अधिकारी फरार हो गया था। दावा किया गया है कि अभी तक उसका पता नहीं लग पाया है।

सोशल मीडिया के इस दौर में आपको यह पता होना बेहद जरूरी है कि कौन सी खबर सही है और कौन सी गलत। ओडिशा रेलवे हादसे के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले की जांच का आदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे ही रेलवे सफ्टी के कमिश्नर जैसे ही अपनी रिपोर्ट दायर करेंगे इस हादसे की पूरी जानकारी सामने आएगी।
हालांकि अभी तक यह रिपोर्ट पेश नहीं की गई है लेकिन सोशल मीडिया खुद से ही इस रिपोर्ट को शेयर करने लगा है। जिसकी वजह से लोगों को अलग-अलग तरह की कहानी इस रेल हादसे को लेकर पता चल रही है। सोशल मीडिया पर इशी तरह से एक यूजर ने लिखा है कि स्टेशन मास्टर जोकि एक मुस्लिम व्यक्ति था, उसका नाम मोहम्मद शरीफ था, वह इस हादसे के बाद से फरार हो गया है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार हादसे के दौरान जो अधिकारी रेलवे स्टेशन पर तैनात थे उनका नाम एसबी मोहंती है। बहांगा बाजार रेलवे स्टेशन पर कोई भी मुस्लिम अधिकारी तैनात नहीं था।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में रेलवे स्टेशन का नाम नहीं बताया गया है। लेकिन पड़ताल में यह बात सामने आई है कि हादसे के सबसे करीब रेलवे स्टेशन पर तैनात अधिकारी मुस्लिम नहीं थे। मोहम्मद शरीफ नाम के किसी भी अधिकारी की स्टेशन पर तैनाती नहीं थी।
कलिंग टीवी द्वारा जो रिपोर्ट पेश की गई है उसके अुसार बहंगा बाजार स्टेशन के असिस्टैंट स्टेशन मास्टर का नाम एसबी मोहंती है। यही नहीं इस स्टेशन पर जो अधिकारी तैनात थे उनका नाम एसके पटनायक, पीके पांडा, जेपी नायक और एसबी मोहंती है।

एसके पटनायक ने कहा कि एसपी मोहंती हादसे के दौरान स्टेशन पर तैनात थे, हादसे की जांच के लिए उन्हें खुर्दा रोड जंक्शन रेलवे स्टेशन भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद साफ हो जाएगा कि मोहंती की वजह से हादसा नहीं हुआ है।
वहीं स्टेशन सुप्रिटेंडेंट जेके नायक ने कहा कि स्टेशन पर मोहम्मद शरीफ नाम का कोई व्यक्ति तैनात नहीं था। कोई भागा भी नहीं है, हर कोई जांच में सहयोग कर रहा है। एसबी मोहंती जो कि हादसे के वक् तैनात थे उन्हें खुर्दा भेज दिया गया है, जहां वह जांच का हिस्सा हैं।
बता दें कि 4 जून को ओडिशा पुलिस ने ट्वीट करके चेतावनी दी थी कि इस हादसे को किसी भी तरह का सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश ना की जाए। पुलिस ने कहा था कि हादसे की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर इसकी पड़ताल हो रही है।

Fact Check
दावा
रेल हादसे के बाद स्टेशन से मुस्लिम अधिकारी फरार हो गया
नतीजा
पड़ताल में पाया गया कि स्टेशन पर कोई मुस्लिम अधिकारी तैनात नहीं था, ना ही कोई फरार हुआ।












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