Fact Check: सेना के पुराने जवानों को अग्निवीर योजना में भेजा जाएगा? जानिए सच्चाई
नई दिल्ली, 21 जून: सेना भर्ती के नए तरीके 'अग्निपथ योजना' का देशभर में विरोध किया जा रहा है। युवा सड़कों पर, रेल की पटरियों पर हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। हाालंकि देश में जारी विरोध के बीच इस बात को भी साफ कर दिया गया है कि तीनों सेना में भर्ती के नए मॉडल 'अग्निपथ' को किसी भी कीमत में वापस नहीं लिया जाएगा। इस बीच यह भी खबर उड़ी थी कि सेना के पुराने जवानों को अग्निवीर योजना में भेजा जाएगा। ऐसे में क्या है इस खबर की हकीकत जानिए...

सैन्य कार्य विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उस सूचना को फर्जी करार दिया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि सेना के पुराने जवानों को अग्निवीर योजना में भेजा जाएगा। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी अपने बयान में कहा कि यह हमारे देश की सुरक्षा का मामला है। किसी ने अफवाह फैला दी कि सेना के पुराने जवानों को अग्निवीर योजना में भेजा जाएगा। यह एक फर्जी सूचना है।
उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि भर्ती प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सैन्य प्रक्रिया अपरिवर्तित रहेगी। हम एक प्रतिबद्धता लेंगे और उम्मीदवारों को प्रतिज्ञा प्रस्तुत करनी होगी कि वे किसी भी आगजनी/ तोड़फोड़ में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी अन्य देश में भारत के समान जनसांख्यिकीय लाभांश नहीं है। हमारे 50 फीसदी युवा 25 वर्ष से कम आयु वर्ग के हैं। सेना को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
वहीं अगिनपथ योजना को लेकर उन्होंने कहा कि यह स्कीम 3 चीजों को संतुलित करती है, पहला सशस्त्र बलों के लिए युवा का प्रोफाइल, तकनीकी जानकारी और सेना में शामिल होने के अनुकूल लोग व तीसरा व्यक्ति को भविष्य के लिए तैयार करना।

Fact Check
दावा
अफवाह है कि सेना के पुराने जवानों को अग्निवीर योजना में भेजा जाएगा।
नतीजा
यह दावा पूरी तरह से फर्जी सूचना साबित होता है।












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