FACT CHECK: कोलकाता के इस्लामिया अस्पताल में केवल मुस्लिमों का ही इलाज होगा, जानें इस दावे की सच्चाई
ऐसे समय में जब देश को चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत है, कोलकाता का एक अस्पताल सोशल मीडिया पर विवाद का केंद्र बना हुआ है।
कोलकाता, 3 जून। ऐसे समय में जब देश को चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत है, कोलकाता का एक अस्पताल सोशल मीडिया पर विवाद का केंद्र बना हुआ है। कई फेसबुक यूजर्स ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम की एक पुनर्निर्मित इस्लामिया हॉस्पिटल का उद्घाटन करते हुए दो तस्वीरें साझा की हैं। तस्वीरों के साथ ममता सरकार पर अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया है कि हाकिम ने जिस नए अस्पताल का उद्घाटन किया है वह केवल मुसलमानों के इलाज के लिए खोला गया है।

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने जब इस बात की पड़ताल की तो पाया कि यह अस्पताल 1926 में बना था, लेकिन इमारत के जर्जर होने के कारण यह अस्पताल पिछले 5 साल से बंद था और हाल ही में कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल को दोबारा खोला गया है और इसमें किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति अपना इलाज करा सकता है। अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 125 बेडों की सुविधा भी उपलब्ध है।
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वायरल इमेज में जो हेडलाइन और इमेज का इस्तेमाल हुआ है उसकी जांच करने पर पता चला कि इस लेख को आनंद बाजार पत्रिका ने 30 मई, 2021 को प्रकाशित किया था। अस्पताल के महासचिव और कोलकाता नगर निगम के प्रशासक मंडल के सदस्य अमीरुद्दीन ने एक अखबार को बताया कि, 'कोई भी कोविड रोगी, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से संबंध रखता हो अस्पताल में अपना इलाज करा सकता है।'
अस्पताल ने कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए चारिंग क्रॉस नर्सिंग होम के साथ करार किया है। इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने जब इस दावे के बारे में चारिंग क्रॉस नर्सिंग होम के मालिक राहुल गाड़़िया से बात की तो उन्होंने बताया कि, 'यह दावा बिल्कुल गलत है। इस अस्पताल में कोई भी मरीज अपना इलाज करा सकता है। हम मुस्लिम हैं, लेकिन यहां हर कर्मचारी मुस्लिम नहीं है। यहां किसी भी धर्म का मरीज इलाज करा सकता है।'
वहीं अस्पताल का उद्घाटन करते समय हाकिम ने कहा कि राज्य सरकार ने अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए 3.75 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं और यहां सभी मरीजों का इलाज मुफ्त होगा। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, 2012 में, दक्षिण 24 परगना के भांगर में विशेष रूप से मुसलमानों के लिए एक अस्पताल बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन सरकार की तीखी आलोचना के बाद यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी।

Fact Check
दावा
renovated Islamia Hospital in Kolkata will treat only Muslims
नतीजा
FALSE












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