Fact Check: क्या वाराणसी में गिराया गया मंदिर? जानें वायरल वीडियो का सच
नई दिल्ली, 27 अप्रैल: राजस्थान के अलवर जिले में 300 साल पुराने मंदिर को गिराने पर शुरू हुआ विवाद अभी जारी है। जिसको लेकर विपक्षी दल लगातार कांग्रेस सरकार पर हमलावर हैं। इस बीच बहुत से लोग सोशल मीडिया पर मंदिरों को तोड़े जाने को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। उनके फॉलोवर्स भी बिना सच्चाई जाने इन अफवाहों को सही मान ले रहे और उसे तेजी से शेयर कर रहे हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक नया दावा किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर एक शख्स ने मंदिर को तोड़े जाने का वीडियो शेयर किया। इसके साथ ही उसने लिखा कि खबरों की मानें तो काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के लिए तकरीबन 200 मंदिर/शिवलिंग तोड़ने पड़े थे। एक भारत माता मंदिर था, जो लगभग 5000 साल पुराना था। मकान तोड़े गए तो उसमें से मंदिर निकले। बात बनारस की है। बनारस को वाराणसी भी कहते हैं। मोदी जी वाराणसी के सांसद हैं। लोग इस वीडियो को सही मानकर इसे तेजी से वायरल करने लगे, साथ ही प्रशासन से मंदिरों को तोड़ने की कार्रवाई को रोकने की मांग की।

कर्नाटक का है वीडियो
वहीं हमारी टीम ने जब इस वीडियो की जांच की तो ये पूरी तरह से फर्जी निकला। वायरल हो रहा वीडियो वाराणसी का नहीं बल्कि कर्नाटक का था। भारत माता मंदिर को भी तोड़े जाने का दावा गलत है, वो अभी भी वाराणसी में है। जब वीडियो की ज्यादा पड़ताल की गई तो पता चला कि ये वीडियो सितंबर 2021 का है। उस वक्त कर्नाटक के मैसूर जिले के नंजनगुड तालुक में महादेवम्मा मंदिर को गिराया गया था। बाद में इसको लेकर खूब बवाल हुआ और कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने भी सरकार को घेरा। हालांकि बाद में सीएम ने इस कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

Fact Check
दावा
वाराणसी में तोड़े गए मंदिर।
नतीजा
वायरल वीडियो कर्नाटक का है।












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