Fact Check: क्या मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए चलाई है कार फाइनेंस स्कीम? जानें वायरल लेटर का सच
नई दिल्ली, 6 अगस्त: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अगस्त 2022 की बैठक शुक्रवार को हुई थी। जिसमें रेपो रेट को 0.50 फीसदी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसका सीधा असर लोम लोन, कार लोन समेत अन्य लोन्स पर पड़ेगा। इस बीच सोशल मीडिया पर लोन से जुड़ा एक लेटर वायरल हो रहा है। जिसको लोग तेजी से शेयर कर रहे हैं।

क्या लिखा है लेटर में?
वायरल हो रहे लेटर पर भारत सरकार, टाटा मोटर्स और एसबीआई का लोगो बना हुआ है। साथ ही उसमें सबसे ऊपर केंद्रीय सचिवालय लिखा है यानी वो लेटर वहां से जारी हुआ। इसके बाद विषय में लिखा है- कार फाइनेंस स्कीम भारतीय सरकारी कर्मचारियों के लिए। इसके बाद लेटर में दावा किया गया कि केंद्र अपने कर्मचारियों को सस्ते लोन का ऑफर दे रही है। जिसका लाभ कोई भी सरकार कर्मचारी उठा सकता है। लोग इसे सच मानकर तेजी से वायरल कर रहे हैं।

पीआईबी ने दी सफाई
अब सवाल ये उठता है कि क्या मोदी सरकार ने सच में ऐसी कोई स्कीम शुरू की है, जिसके तहत सस्ता लोन मिल रहा, तो इसका जवाब है-नहीं। पीआईबी फैक्ट चेक ने अब इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है। पीआईबी के मुताबिक ऐसी कोई भी स्कीम भारत सरकार ने नहीं चलाई है। ये वायरल लेटर भी फर्जी है, ऐसे में लोग इसके झांसे में ना आएं।

ठग लोगों को ऐसे लगाते हैं चूना
आपको बता दूं कि ये सब सोशल मीडिया पर सक्रिय ठगों का खेल है। वो पहले आपको सस्ते लोन का झांसा देंगे। इसके बाद आपका लोन पास करवाने के लिए आपसे पर्सनल डिटेल मांग लेंगे। इसके बाद वो आपके बैंक अकाउंट से सारे पैसे गायब कर देंगे। इस वजह से आप ऐसे वायरल पोस्ट के झांसे में ना आएं। साथ ही अपनी निजी जानकारी किसी को भी ना दें।

Fact Check
दावा
मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए चलाई है कार फाइनेंस स्कीम
नतीजा
ऐसी कोई स्कीम सरकार ने नहीं चलाई।












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