Fact check: क्या मीनाक्षी लेखी के ससुर थे नाथूराम गोडसे के वकील, जानिए वायरल मैसेज का सच

Fact check: क्या मीनाक्षी लेखी के ससुर थे नाथूराम गोडसे के वकील, जानिए वायरल मैसेज का सच

नई दिल्ली, 27 जुलाई: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी के ससुर प्राणनाथ लेखी ने महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे का मुकदमा लड़ा था। पोस्ट में लेखी के लिए गद्दार जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। तहकीकात करने पर पता चला है कि मीनाक्षी लेखी के ससुर की ओर से कोर्ट में गोडसे का बचाव करने की बात कहने वाली ये पोस्ट पूरी तरह से फर्जी है।

Meenakshi Lekhi

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    Fact Check: Meenakshi Lekhi के ससुर ने लड़ा था Nathuram Godse का केस | वनइंडिया हिंदी

    मीनाक्षी लेखी हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही हैं। एक बयान मे उन्होंने कोरोना टीकाकरण में कमी के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार बताया है तो एक बयान में आंदोलनकारी किसानों को मवाली कहा है। दोनों ही मामलों, खासतौर से किसानों पर बयान को लेकर उनको सोशलम मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है। इसी को लेकर एक पोस्ट सामने आई है। इसमें लिखा गया है- आज मीनाक्षी लेखी किसान को गद्दार कह रही हैं, इसमें इसकी गलती नहीं है क्योंकि गद्दारी का इनका पुराना रिकॉर्ड है। इनके ससुर प्राणनाथ लेखी ने नाथूराम गोडसे का मुकदमा लड़ा था और उसको बचाने की कोशिश की थी। आज मीनाक्षी को अन्नदाता मवाली नजर आ रहा है।

    Meenakshi Lekhi

    इस मामले की जांच की गई तो सामने आया कि लेखी के ससुर गोडसे के वकील नहीं थे। महात्मा गांधी की हतेया के बाद गिरफ्तार गोडसे ने मुकदमे के दौरान वकील लेने से इनकार कर दिया था। नाथूराम के भाई गोपाल गोडसे ने एक किताब में में भी कहा है कि नाथूराम ने अपने मामले में खुद बहस की थी। पंजाब के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जी डी खोसला ने 'मर्डर ऑफ महात्मा' नामक पुस्तक में भी इस तथ्य को स्थापित किया है कि गोडसे ने वकील नहीं मांगा था। जाहिर है कि से पोस्ट सच से परे है। यहां तक कि खुद मीनाक्षी लेखी ऐसे ही एक ट्वीट को झूठ बताते हुए मामले में पुलिस कार्रवाई करने की बात भी कह चुकी हैं।

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    Fact Check

    दावा

    दावा- मीनाक्षी लेखी के ससुर ने लड़ा था नाथूराम गोडसे का मुकदमा

    नतीजा

    मैसेज में कही गई बातों में कोई सच्चाई नहीं

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