Indian Oil के नाम से फर्जी अप्रूवल लेटर जारी हुआ, Fact Check में खोखला निकला डीलरशिप का दावा
फैक्ट चेक में पाया गया है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के नाम से फर्जी लेटर जारी कर डीलरशिप या डिस्ट्रिब्यूटर बनने का दावा किया गया। जानिए क्या है पूरा मामला

Indian Oil Fact Check : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के नाम से जारी एक फर्जी लेटर में दावा किया गया है कि डीलरशिप और डिस्ट्रिब्यूटरशिप मिल गया है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की तरफ से किए फैक्ट चेक में पाया गया है कि फर्जी अप्रूवल लेटर बनाकर गुमराह करने का प्रयास किया गया है। पीआईबी फैक्ट चेक में पाया गया कि ओरिजनल जैसा दिखने वाला लेटर IOC की तरफ से जारी नहीं किया गया है।
लेटर में क्या दावा किया गया
फैक्ट चेक में वायरल लेटर की पड़ताल की गई। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल लेटर में दावा किया गया है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने लेटर जारी कर इंडेन गैस एजेंसी के लिए डीलरशिप/डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिया। दावा किया जा रहा है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसीएल) ने स्वीकृति पत्र भी जारी कर दिया है।

पड़ताव में फर्जी निकला दावा
हालांकि, हैशटैग PIB Fact Check के तहत की गई वायरल दावे की पड़ताल में पाया गया है कि IOC नाम से नाम से जारी लेटर फर्जी है। पीआईबी ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (@IndianOilcl) को टैग कर बताया है कि IOC की तरफ से यह पत्र जारी नहीं किया गया है।
प्रमाणिक सोर्स से जानकारी जुटाने की अपील
सोशल मीडिया यूजर्स से प्रमाणिक सोर्स से ही जानकारी लेने की अपील की गई है। ट्वीट में लिखा गया, प्रामाणिक जानकारी के लिए कृपया http://iocl.com पर विजिट करें।
पहले भी पकड़े गए हैं फर्जी दावे
बता दें कि इससे पहले भी पीआईबी कई वायरल दावों की पड़ताल कर उन्हें फर्जी बता चुका है। ट्विटर हैंडल @PIBFactCheck पर ऐसे गुमराह करने वाले दावों की कई बार पोल खोली जा चुकी है।
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Fact Check
दावा
क्या इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने डीलरशिप के लिए अप्रूवल लेटर जारी किया?
नतीजा
फैक्ट चेक में पाया गया है कि IOC ने डीलरशिप के लिए अप्रूवल लेटर जारी नहीं किया है।












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