Fact Check: क्या हथियार और उपकरणों को खरीदने के लिए दान ले रही सेना? जानें सच्चाई
नई दिल्ली: सोशल मीडिया खबरों के आदान-प्रदान का सबसे बेहतरीन जरिया है, लेकिन इन दिनों इसका तेजी से गलत इस्तेमाल हो रहा है। यहां तक की सेना और सशस्त्र बलों को लेकर भी सोशल मीडिया पर तमाम भ्रमक बातें कही जाती हैं, जिसका समय-समय पर सेना खंडन भी करती रहती है। अब सेना को लेकर सोशल मीडिया पर एक और मैसेज वायरल हो रहा है। जिस पर बुधवार को सेना ने बयान जारी किया। साथ ही उस मैसेज की सच्चाई बताई।

दरअसल लद्दाख में पिछले तीन महीने से चीन के साथ सीमा को लेकर विवाद चल रहा है। इस दौरान कई बार युद्ध जैसे हालात भी बने। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल होने लगा। जिसमें दावा किया गया कि सेना को हथियारों की जरूरत है, ऐसे में लोगों से सशस्त्र बल युद्ध हताहत कल्याण कोष (आर्म्ड फोर्सेज बैटल कैजुअलटीज वेल्फेयर फंड) में दान करने की अपील की गई। सोशल मीडिया पर लोग भी बिना जांच पड़ताल के इस मैसेज को शेयर कर रहे हैं।
सेना ने क्या कहा?
सेना ने इस तरह की खबरों को सिरे से खारिज किया है। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स गलत हैं। उनकी ओर से हथियार और उपकरणों को खरीदने में सशस्त्र बल युद्ध हताहत कल्याण कोष (आर्म्ड फोर्सेज बैटल कैजुअलटीज वेल्फेयर फंड) का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ लड़ाई में घायल हुए जवानों और शहीद के परिजनों के लिए किया जाता है। अगर कोई नागरिक शहीद के परिजनों और घायलों की मदद करना चाहता है तो इस फंड में दान कर सकता है।

Fact Check
दावा
हथियार और उपकरण की खरीद के लिए दान मांग रही सेना
नतीजा
सेना ने खबर को बताया गलत












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