Fact Check: क्या फारूक अब्दुल्ला को उनके घर में किया गया नजरबंद?
नई दिल्ली, 7 अगस्त: जम्मू-कश्मीर में सियासी गहमागहमी जारी है। इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दावा किया कि उनके अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को पार्टी मुख्यालय में एक बैठक की अध्यक्षता करने के कुछ घंटों बाद नजरबंद कर दिया गया था। इस दावे को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खारिज कर दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि फर्जी खबरें चल रही हैं कि कुछ नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी नेताओं को गुप्कर रोड में नजरबंद कर दिया गया है। ये खबर पूरी तरह से निराधार है।

दरअसल 5 अगस्त को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ट्वीट कर लिखा कि फारूक अब्दुल्ला को नवाई-सुभा से लौटने के बाद नजरबंद कर दिया गया है, जहां उन्होंने पहले एक बैठक की अध्यक्षता की थी और कहा था कि हम 5 अगस्त 2019 को अवैध, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक रूप से छीन लिए गए अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक लड़ेंगे। वहीं उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा कि ऐसा लगता है कि उन्हें किसी मजबूरी से इस ट्रक को गेट के बाहर रखना होगा, क्योंकि ये एक मूर्खतापूर्ण काम है। वो दफ्तर गए, नमाज पढ़ने गए, शोक मनाने गए। ट्रक आ गया क्योंकि उसके पास आज जाने के लिए और कोई जगह नहीं थी।
इस पर पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि आतंकी हमले की सूचना के मद्देनजर गुप्कर रोड पर कुछ स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। महबूबा मुफ्ती दोपहर के वक्त अपने ऑफिस गईं, जबकि फारूक अब्दुल्ला दोपहर में शालीमार के हजरतबल दरगाह गए। ऐसे में मीडिया को सलाह दी जाती है कि वो प्रशासनिक अधिकारियों से पहले न्यूज को सत्यापित करें और फिर उसे प्रकाशित करें। जम्मू-कश्मीर पुलिस पेशेवर बल है, जो अपने कर्तव्यों से अच्छी तरह वाकिफ है।

Fact Check
दावा
फारूक अब्दुल्ला को उनके घर में किया गया नजरबंद
नतीजा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक ये दावा झूठा है।












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