Fact Check: सोशल मीडिया पर हिंसा का वायरल वीडियो बेंगलुरू नहीं बल्कि इस राज्य का है
नई दिल्ली। सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि यह कर्नाटक के बेंगलुरू में 11 अगस्त, 2020 को हुई हिंसा का है। ये वीडियो 16 अगस्त के बाद से फेसबुक पर काफी शेयर किया जा रहा है। इसके कैप्शन में लिखा है, 'हिन्दुओं बस सोते रहो और ये लोग इनका काम कर रहे हैं, बंगलौर।' इस वीडियो में भारी भीड़ सड़क पर भागती हुई दिखाई दे रही है, जिसे नियंत्रित करना पुलिसकर्मियों के लिए मुश्किल हो रहा है। जब हमने इस वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि ये वीडियो बेंगलुरू का नहीं है।

इस वीडियो को गलत कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है। इसके साथ ही फेसबुक ने इसे फर्जी वीडियो होने के कारण ब्लॉक तक कर दिया है। ये वीडियो पश्चिम बंगाल का है। इससे पहले 19 जुलाई, 2020 को समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इसी घटना से जुड़े कुछ तस्वीरें और वीडियो ट्वीट किए थे। जिसके कैप्शन में लिखा था, 'पश्चिम बंगाल: उत्तर दिनाजपुर में हुए कथित गैंगरेप और हत्या के बाद स्थानीय लोगों की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हो गई। सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल भी किया।'

एक अन्य ट्वीट में समाचार एजेंसी ने कहा था, 'पश्चिम बंगाल: उत्तर दिनाजपुर में हुए कथित गैंगरेप और हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया, सड़कें बंद कीं और पुलिस के वाहनों और सार्वजनिक बसों को आग के हवाले कर दिया। घटनास्थल पर भारी सुरक्षाबल तैनात है।' इसके साथ ही इस खबर को कई मीडिया वेबसाइट ने भी कवर किया था। राज्य के दिनाजपुर में एक 15 साल की लड़की की कथित तौर पर रेप के बाद हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था और सार्वजनिक वाहनों को नुकसान पहुंचाया था। ठीक यही वीडियो अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर भी पोस्ट किया जा चुका है। ये वीडियो सबसे पहले एनटीके बांग्ला ने 30 जुलाई, 2020 को पोस्ट किया था।

Fact Check
दावा
ये वीडयो बेंगलुरू में हुई हिंसा का है।
नतीजा
वीडियो पश्चिम बंगाल का है।












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