Fact check: फाइजर के CEO को कोरोना वैक्सीन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया? जानें सच
नई दिल्ली, 12 नवंबर: कोरोना काल में सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ ना कुछ भ्रम फैलाने वाली खबरें वायरल होती रहती हैं। सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों में दावा किया गया है कि फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला को उनकी कंपनी के टीके की प्रभावशीलता को गलत तरीके से पेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। फाइजर के सीईओ की गिरफ्तार और धोखाधड़ी के आरोप की खबर 5 नंवबर को फेसबुक पर वायरल हुई है।

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वायरल हो रही खबर के मुताबिक, फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला को 5 नवंबर सुबह को उनके घर पर गिरफ्तार किया गया था। ये खबर 5 नवंबर को कनाडाई वेबसाइट कंजर्वेटिव बीवर ने छापी थी। आर्टिकल में कहा गया है कि, अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने कोविड-19 वैक्सीन की प्रभावशीलता के बारे में "ग्राहकों को धोखा देने में उनकी भूमिका" के कारण अल्बर्ट बौर्ला को गिरफ्तार किया है।
सोशल मीडिया इनसाइट्स टूल, क्राउडटंगल के अनुसार, ये आर्टिकल फेसबुक पर एक दिन के भीतर 20 हजार बार शेयर किया गया है। यह पहली बार नहीं है जब कंजर्वेटिव बीवर ने गलत खबरें प्रकाशित की हैं। इससे पहले भी वह कई फेक स्टोरी चला चुका है। जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और ब्रायन लॉन्ड्री मेक्सिको में जीवित पाए गए जैसी खबरें शामिल हैं।
जब इन दावों की जांच की गई तो इस बात का कोई सबूत नहीं मिले हैं कि बौर्ला को कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार या आरोपित किया गया था। फाइजर के प्रवक्ता एमी रोज ने इस मामले पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि, ये न्यूज फेक है। उन्हें किसी भी ऐसे मामले में अरेस्ट नहीं किया गया है। यही नहीं जिस दिन कंजर्वेटिव बीवर ने दावा किया कि अल्बर्ट बौर्ला को अरेस्ट किया गया है, उस दिन फाइजर के सीईओ कई टीवी चैनलों पर लाइव इंटरव्यू देते नजर आए थे।

Fact Check
दावा
फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला को उनकी कंपनी के टीके की प्रभावशीलता को गलत तरीके से पेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
नतीजा
फाइजर के प्रवक्ता एमी रोज ने इस मामले पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि, ये न्यूज फेक है।












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