FACT CHECK: क्या ममता बनर्जी ने वापस ले लिया है चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका, जानिए सच
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच सियासी तनातनी खत्म नहीं हो रही है। पश्चिम बंगाल कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनावों के लिए तैयार है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की है जिसमें नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र के विधानसभा चुनाव परिणामों को चुनौती दी गई है। आपको बता दें कि इस सीट पर ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने हराया था। शुभेंदु टीएमसी छोड़कर ही बीजेपी में आए थे।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें यह दावा किया जा रहा कि ममता बनर्जी डर गई हैं और उन्होंने नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र के विधानसभा चुनाव परिणामों को चुनौती देने वाली उच्च न्यायालय की याचिका को वापस लेने का फैसला किया है। इस दावे की सत्यता जांची गई तो पता चला कि यह गलत है। ममता बनर्जी ने याचिका को वापस नहीं लिया है।
जांच में पता चला कि मूल याचिका 21 मई को दायर की गई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने 18 जून को कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बृंदाल को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने न्यायमूर्ति कौशिक चंदा के समक्ष मामले को सूचीबद्ध नहीं करने और याचिका की सुनवाई के लिए पीठ को फिर से सौंपने का आग्रह किया। बनर्जी ने न्यायमूर्ति चंद्रा की ओर से पक्षपात की आशंका व्यक्त करते हुए दावा किया था कि वह "भाजपा के एक सक्रिय सदस्य" थे।

Fact Check
दावा
Fake
नतीजा
Mamata Banerjee has not withdrawn petition challenging Nandigram poll result












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