Fact Check: कोरोना वैक्सीन में हानिकारक तत्व 'ग्रैफीन ऑक्साइड' मौजूद है? जानें क्या है सच
नई दिल्ली, सितंबर 21: कोरोना महामारी के बीच देश में लगातार बीमारी या वैक्सीन को लेकर अफवाहें उड़ती रहती हैं। वैक्सीन को लेकर कई बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के भ्रामक मैसेज वायरल किए गए हैं। इन दिनों एक ऐसा ही ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि, कोरोना वैक्सीन में ग्रैफीन ऑक्साइड नाम का ऐसा तत्व होता है जिससे कैंसर होने का खतरा है।

वायरल ऑडियो में एक शख्स दावा कर रहा है कि, वह कोरोना और वैक्सीन को लेकर जो फ्रॉड किया जा रहा है, उसे लेकर मैं लोगों को जागरूक कर रहा हूं। शख्स कह रहा है कि, वैक्सीन में जो तत्व मौजूद हैं। वह खतरनाक है। भारत सरकार ने खुद कहा है कि, ये जो वैक्सीन है उसका अभी ट्रायल चल रहा है। अभी तक ये पता नहीं चला है कि, किस आदमी के उपर इसका क्या असर होना है। सरकार लोगों को मारने का षड़यंत्र रच रही है। इसके अंदर ग्रैफीन ऑक्साइड है।
शख्स दावा कर रहा है कि, वैक्सीन बनान वाले वैज्ञानिक ने खुद कहा है कि, जिस किसी के वैक्सीन के अंदर ये ग्रैफीन ऑक्साइड 70 फीसदी से अधिक हुआ तो वह शख्स 10 साल से अधिक जिंदा नहीं रह पाएगा। इसके साथ ही ये शख्स वैक्सीन के बूस्टर पर भी सवाल खड़ा करता नजर आ रही है। इससे पहले इसी तरह का एक औऱ वीडियो वायरल हुआ था। उसमें भी वैक्सीन के अंदर ग्रैफीन ऑक्साइड होने की बात कही गई थी। अब सरकार की ओऱ से इस पर सफाई आई है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने ट्वीट में कहा कि, एक वायरल ऑडियो मैसेज में कथित रूप से एक डॉक्टर द्वारा कोविड के टीकों के संबंध में कई फ़र्ज़ी दावे किए जा रहे हैं।
#PIBFactCheck
- कोविड वैक्सीन में ग्रैफीन ऑक्साइड मौजूद नहीं है।
- टीकाकरण कराना स्वैच्छिक है लेकिन कोविड-19 से खुद के बचाव के लिए यह बेहद जरूरी है।
- भारत में लगाई जा रही सभी वैक्सीन डीजीसीआई द्वारा अनुमित प्राप्त हैं।
- कोविड एक फ्रॉड नहीं वैश्विक महामारी है।

Fact Check
दावा
दावा किया जा रहा है कि, कोरोना वैक्सीन में ग्रैफीन ऑक्साइड नाम का ऐसा तत्व होता है जिससे कैंसर होने का खतरा है।
नतीजा
कोविड वैक्सीन में ग्रैफीन ऑक्साइड मौजूद नहीं है।












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