Fact Check:क्या गुस्साई जनता ने श्रीलंका के मंत्रियों के कपड़े उतरवाकर घुटने पर बिठाया,जानें वायरल Video का सच
Fact Check:क्या गुस्साई जनता ने श्रीलंका के मंत्रियों के कपड़े उतरवाकर घुटने पर बिठाया, जानें वायरल Video का सच
नई दिल्ली, 15 मई: श्रीलंका काफी वक्त से आर्थिक संकट से गुजर रहा है। अब श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि जिस आर्थिक संकट की वजह से देश में लोगों को परेशानियां हुई हैं और अधिक बढ़ने वाली है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो श्रीलंका में देश भर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का है। वायरल वीडियो में लोगों के एक समूह से जनता द्वारा पूछताछ की जा रही है। वीडियो में पुरुषों के एक समूह को सड़क पर घुटने टेकते देखा जा सकता है।

वायरल वीडियो में बिना कपड़ों के दिख रहे हैं लोग
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग कमर से ऊपर तक नंगे हैं और केवल नीली पैंट पहने हुए हैं। ये सारे लोग डरे हुए थे हैं और हाथ जोड़कर किसी के सामने गुजारिश कर रहे हैं। बिना कपड़ों के घुटनों पर बैठे ये लोग अपने आस-पास की भीड़ से विनती कर रहे हैं।

वायरल वीडियो को लेकर क्या किए जा रहे दावा?
वीडियो को यह दावा करते हुए प्रसारित किया जा रहा है कि ये लोग श्रीलंकाई मंत्री थे, जिन्हें श्रीलंका में सरकार विरोधी भीड़ द्वारा गुस्से में कपड़े उतरवा गए हैं। वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके एक यूजर ने लिखा है, '' वीडियो में दिख रहे हैं, सारे न्यूड लोग श्रीलंका के मंत्री हैं। इन खबरों को पाकिस्तान में बैन कर दिया गया है क्योंकि पाक के मंत्री खुद डर रहे हैं कि कहीं उनके साथ ऐसा ना हो जाए।''

क्या है वायरल वीडियो का सच?
इंडिया टुडे के मुताबि वीडियो में दिख रहे लोग श्रीलंकाई मंत्री नहीं थे। वो एक कैदी थे। वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर पता चला है कि ये वीडियो 10 मई को श्रीलंका के कई सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया गया था।
इन पोस्टों के अनुसार, वीडियो में दिख रहे पुरुष एक खुली जेल के कैदी थे और उनसे कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के लिए पूछताछ की जा रही थी। डेली मिरर श्रीलंका ने भी यह वीडियो ट्वीट किया जिसमें दावा किया गया कि ये लोग कैदी थे।

स्थानीय पत्रकार ने बताया, वीडियो में दिख रहे लोग सांसद नहीं हैं
कोलंबो के एक पत्रकार दिनेश डी अल्विस ने इंडिया टुडे को पुष्टि की कि वीडियो में देखे गए पुरुष सांसद नहीं थे। उन्होंने कहा कि वीडियो में पुरुषों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे कैदी हैं। पत्रकार ने कहा, ''वीडियो में, पुरुषों ने कहा कि वे वातरेका ओपन जेल कैंप के कैदी थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें साइटों पर काम करने की अनुमति दी गई थी और साइट से वापस जेल जाते समय, एक जेलर उन्हें एक विरोध स्थल पर ले गया था।''
It was reported that prisoners were bought today (10) to attack the protesters at #GotaGoGama. pic.twitter.com/xipnq14JW1
— DailyMirror (@Dailymirror_SL) May 9, 2022

Fact Check
दावा
दावा: श्रीलंका की गुस्साई जनता ने श्रीलंका के मंत्रियों के कपड़े उतरवाकर घुटने पर बिठाया।
नतीजा
नहीं, वीडियो में दिख रहा है लोग श्रीलंका के मंत्री नहीं हैं। ये कैदी हैं।












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