Fact Check: साल 2030 तक इथेनॉल ब्लेडिंग 30% होने का दावा झूठा, क्या होता है Ethanol-Mixed Fuel?
Fact Check: भारत सरकार ने देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। इस आधार पर कई समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में दावा किया गया है कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य बढ़ाकर 30% कर दिया है। जबकि फैक्ट चेक में यह दावा झूठा है।
सबसे पहले यह जानिए कि दावा क्या और किस आधार पर किया जा रहा है? सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर Indian Tech & Infra नाम की आईडी से 16 अप्रैल को पोस्ट किया गया है, जिसमें लिखा है कि 'सरकार 2030 तक पेट्रोल में 30% इथेनॉल मिश्रण का नया लक्ष्य निर्धारित करेगी।' इसी तरह के दावे करती रिपोर्ट कई न्यूज वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि पहले यह लक्ष्य 2030 तक केवल 20% था, जिसे भारत ने तय समय से पहले ही हासिल कर लिया है। 1 अप्रैल 2025 से देशभर के पेट्रोल पंपों पर E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल की अनिवार्यता लागू हो गई है।
ईटीवी की खबर में भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ के महानिदेशक दीपक बल्लानी के मुताबिक, "हम इस साल ही 19-20% इथेनॉल ब्लेंड हासिल कर चुके हैं। ऐसे में 2030 तक 30% इथेनॉल मिश्रण बिल्कुल संभव है।" सरकार अब E30 फ्यूल को दो चरणों में लागू करने की योजना पर काम कर रही है-पहले कुछ शहरों में इसे पेश किया जाएगा और फिर पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा।

PIB Fact Check ने किया साफ: यह दावा फर्जी है
किसानों व वाहनों चालकों से जुड़ी इस खबर के दावे की वनइंडिया हिंदी टीम की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की। सोशल मीडिया पर ethanol 30% next 5 years कीवर्ड से सर्च किया तो PIB Fact Check की पोस्ट मिली, जिसमें लिखा है कि 'कई समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के अपने लक्ष्य को बढ़ाकर 30% कर दिया है। यह दावा #Fake है। सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। वर्ष 2025 तक 20% इथेनॉल मिश्रण प्राप्त करने का लक्ष्य है।
Ethanol Blending Target in Petrol क्या होता है?
जब हम कहते हैं "Ethanol Blending in Petrol", तो इसका मतलब होता है पेट्रोल में कुछ प्रतिशत इथेनॉल (Ethanol) मिलाना।
इथेनॉल क्या है?
इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो गन्ना, मक्का (कॉर्न), चावल जैसे फसलों से बनता है। इसे जैव-ईंधन (biofuel) भी कहते हैं।
क्यों मिलाते हैं इथेनॉल पेट्रोल में?
- देश की तेल पर निर्भरता कम होती है (कच्चा तेल विदेशों से मंगवाना पड़ता है)
- प्रदूषण कम होता है - इससे धुएं में हानिकारक गैसें कम होती हैं
- किसानों को फायदा होता है - इथेनॉल फसलों से बनता है, तो खेती से कमाई बढ़ती है
- ईंधन सस्ता पड़ सकता है - पेट्रोल से सस्ता होता है इथेनॉल
Target का क्या मतलब?
सरकार यह तय करती है कि पेट्रोल में कितना प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाएगा। जैसे:
- E10 = 10% इथेनॉल + 90% पेट्रोल
- E20 = 20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल
- E30 = 30% इथेनॉल + 70% पेट्रोल
Target का मतलब है कि सरकार कितने प्रतिशत इथेनॉल मिलाना चाहती है और किस साल तक।
फायदा किसे, नुकसान किसे?
सरकार के इस कदम से किसानों को इथेनॉल उत्पादन में नए रोजगार और आमदनी के अवसर मिलेंगे, वहीं देश की कच्चे तेल पर निर्भरता भी घटेगी। साथ ही, वाहन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। लेकिन सभी के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। मौजूदा पेट्रोल कारें केवल E20 तक के ईंधन के लिए अनुकूलित हैं।
यह भी पढ़ें- Fact Check: मुर्शिदाबाद हिंसा के नाम पर राजस्थान का पुराना वीडियो वायरल, CM के इलाके में हुआ था जमीन का विवाद
यदि इथेनॉल की मात्रा 25% या उससे अधिक हो जाती है, तो इससे इंजन की परफॉर्मेंस और फ्यूल एफिशिएंसी पर असर पड़ सकता है, खासकर पुरानी गाड़ियों में। इथेनॉल की एक और चुनौती इसकी संक्षारक (Corrosive) प्रकृति है। यह नमी सोख लेता है और लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने पर गाड़ियों के रबर और प्लास्टिक वाले पार्ट्स जैसे सील, गास्केट, फ्यूल लाइन वगैरह को नुकसान पहुंचा सकता है।
यह भी पढ़ें- Fact Check: तलाक के बाद हार्दिक पांड्या ने रश्मिका मंदाना से नहीं की शादी, माला पहने की फर्जी फोटो वायरल
यह भी पढ़ें- Fact Check: ₹3,000 का सालाना FASTag पास अभी सिर्फ उम्मीद, कार चालकों को नई टोल नीति से मिलेगा अपडेट
यह भी पढ़ें- Fact Check: तत्काल टिकट बुकिंग का टाइम बदलने की सूचना गलत, IRCTC ने लाखों रेल यात्रियों का भ्रम कर दिया दूर

Fact Check
दावा
सरकार 2030 तक पेट्रोल में 30% इथेनॉल मिश्रण का नया लक्ष्य निर्धारित करेगी।
नतीजा
सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है।












Click it and Unblock the Notifications