Fact Check: 'आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना' है फर्जी, ठगी के लिए बनाया गया था ऑफर लेटर
सोशल मीडिया पर आत्मनिर्भर भारत योजना से जुड़ा ऑफर लेटर वायरल हो रहा, जो फर्जी है। उसके जरिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे।

मोदी सरकार काफी वक्त से आत्मनिर्भर भारत योजना चला रही, जिसके तहत भारत में बनी चीजों को ही बढ़ावा दिया जा रहा। इसको काफी सफलता भी मिली है। अब सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी एक पोस्ट वायरल हो रही। जिसमें दावा किया जा रहा कि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत मोदी सरकार युवाओं को काम दे रही। लोग बिना सच्चाई जाने इसको तेजी से शेयर कर रहे थे। जिस पर अब सरकार ने सफाई दी है।
वायरल पोस्ट के मुताबिक सरकार आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना चला रही है। इसके तहत लोगों को ग्राहक सेवा प्रतिनिधि पर नियुक्त किया जाएगा। साथ ही उम्मीदवार को 29 हजार रुपये महीने सैलरी भी मिलेगी। पोस्ट करने वालों ने कुछ ऑफर लेटर भी शेयर किए हैं। जिसमें लिखा है कि उपर्रोक्त उम्मीदवार का चयन इस योजना में हो गया है। ऐसे में वो ट्रेनिंग की राशि जमा करके अपना काम शुरू कर दें।
वायरल पोस्ट और ऑफर लेटर को लेकर अब पीआईबी फैक्ट चेक ने एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने ऑफर लेटर की फोटो भी ट्वीट की। साथ ही लिखा कि एक फर्जी नियुक्ति पत्र में ये दावा किया जा रहा है कि उम्मीदवार को आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के पद पर नियुक्त किया जा रहा है। जिसके लिए ₹4950 जमा करने होंगे। श्रम मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई भी योजना नहीं चलाई जा रही, ना ही लोगों को नौकरी दी जा रही। ऐसे में ये पोस्ट फर्जी है।
ऐसे हो रही थी ठगी
दरअसल ठगों ने पहले लोगों से फर्जी आवेदन लिए, उसके बाद उनको ऑफर लेटर भेजा। साथ ही ट्रेनिंग के लिए 4950 रुपये मांगे। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर वो राशि नहीं देंगे, तो उनकी ट्रेनिंग नहीं हो पाएगी। ऐसे में उनकी ज्वाइनिंग भी कैंसिंल हो जाएगी। ये राशि बहुत छोटी है, जिस वजह से लोग इसे तुरंत भर भी दे रहे।

Fact Check
दावा
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत मिल रही नौकरी।
नतीजा
ऐसी कोई योजना सरकार नहीं चला रही है।












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