Vikas Divyakirti's Drishti IAS: CCPA ने दृष्टि IAS पर क्यों लगाया फिर से बड़ा जुर्माना? क्या है पूरा मामला?
Vikas Divyakirti Drishti IAS: देश भर में UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए कोचिंग संस्थान हमेशा अहम होते हैं। लेकिन हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Drishti IAS पर भ्रामक विज्ञापन देने के आरोप में कार्रवाई की है। संस्थान ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 के संदर्भ में जो दावा किया था वो गलत साबित हुआ है।
जानकारी छिपाने से छात्रों और उनके माता-पिता को यह गलतफहमी हुई कि संस्थान ने उनकी परीक्षा की सफलता में पूरा योगदान दिया। यह मामला छात्रों के हित में CCPA की सख्ती और कोचिंग संस्थानों की पारदर्शिता पर जोर देता है।

जिसके बाद केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के नेतृत्व वाले कोचिंग संस्थान दृष्टि IAS पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना संस्थान द्वारा UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 के संदर्भ में भ्रामक विज्ञापन देने के कारण लगाया गया है।
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भ्रामक विज्ञापन में क्या था दावा?
संस्थान ने अपने विज्ञापन में दावा किया था - "216+ चयन UPSC CSE 2022", जिसमें सफल उम्मीदवारों के नाम और फोटो भी शामिल थे। लेकिन CCPA की जांच में पता चला कि संस्थान ने यह महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी कि इन उम्मीदवारों में से अधिकांश ने केवल नि:शुल्क इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (IGP) में हिस्सा लिया था। कुल 216 में से केवल 54 छात्र ही अन्य पाठ्यक्रमों में नामांकित थे।
CCPA ने बताया 'भ्रामक जानकारी'
CCPA ने कहा कि उम्मीदवारों और उनके माता-पिता को यह विश्वास हो गया कि Drishti IAS परीक्षा के सभी चरणों में उनकी सफलता के लिए जिम्मेदार था। ऐसे दावे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के तहत भ्रामक विज्ञापन माने जाते हैं।
पहले भी लगा था जुर्माना
यह Drishti IAS पर CCPA का दूसरा जुर्माना है। सितंबर 2024 में, 2021 के "150+ चयन" के दावे को लेकर संस्थान पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उस समय भी संस्थान ने 161 उम्मीदवारों की सूची दी थी, जिसमें अधिकांश केवल IGP में थे।
CCPA की सख्ती और दिशा-निर्देश
CCPA ने अब तक विभिन्न कोचिंग संस्थानों को भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं के लिए 54 नोटिस जारी किए हैं। 26 संस्थानों पर कुल 90.6 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया और भ्रामक दावे बंद करने का निर्देश दिया गया।
CCPA ने सभी कोचिंग संस्थानों को चेतावनी दी है कि वे अपने विज्ञापनों में सच्ची जानकारी दें ताकि छात्र और उनके माता-पिता अपने शैक्षिक विकल्पों के बारे में सही निर्णय ले सकें।
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