मिट्टी के घर से मेडिकल की राह! फैक्ट्री में काम कर NEET में रचा इतिहास, शादियों में बर्तन धोते हैं मां-बाप
Shrawan Kumar: राजस्थान के बालोतरा के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET में सफलता हासिल करना किसी सपने जैसा लगता है। लेकिन यह सपना सच्चाई बना है श्रवण कुमार के लिए। मिट्टी के दो कमरों से निकल कर आज वो डॉक्टर बनने के रास्ते पर आगे बढ़ चुके हैं।
श्रवण कुमार मिट्टी के दो कमरे वाले घर में रहते हैं। उनके माता-पिता गांव की शादियों में बर्तन धोकर जीवन चलाते हैं। वहीं श्रवण खुद फैक्ट्री में काम करने के साथ-साथ पढ़ाई करते थे। आर्थिक तंगी, बिजली की कमी और सीमित संसाधनों के बावजूद श्रवण ने न केवल NEET परीक्षा पास की, बल्कि रैंक भी हासिल किया।

श्रवण ने यह कर दिखाया कि हौसले अगर बुलंद हों, तो रास्ते खुद बन जाते हैं। आज उनके गांव में जश्न का माहौल है और सोशल मीडिया पर लोग उन्हें संघर्ष और सफलता की मिसाल मान रहे हैं।
ये भी पढ़ें: NEET Result 2025 Topper: कौन हैं राजस्थान के महेश कुमार, जिन्होंने नीट यूजी में किया टॉप, देखें स्कोरकार्ड
मिट्टी के घर से मेडिकल कॉलेज तक का सफर
राजस्थान के बालोतरा के खाटू गांव में रहने वाले 19 साल के श्रवण कुमार ने अपने मेहनत और हौसले से एक नया इतिहास रचा है। बर्तन धोने वाले माता-पिता के बेटे श्रवण ने इस साल NEET परीक्षा में OBC श्रेणी में 4071वीं रैंक पाया है। अब उन्हें राजस्थान के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट मिलने की पूरी उम्मीद है।
पढ़ाई के साथ फैक्ट्री में काम
श्रवण बालोतरा की एक फैक्ट्री में काम करते हैं, और वहीं से उन्हें अपने NEET रिजल्ट की खबर मिली। परीक्षा की तैयारी के दौरान वह रोज काम करते थे और देर रात तक पढ़ाई करते थे। वह आज भी उसी मिट्टी के दो कमरे वाले झोपड़ीनुमा घर में रहते हैं, जहां बिजली 2022 में पहली बार आई थी।
मां को मिला स्मार्टफोन से श्रवण की पढ़ाई को लगे पंख
श्रवण के माता-पिता गांव की शादियों में बर्तन धोकर परिवार चलाते हैं। इसके अलावा कभी-कभी मनरेगा में भी काम करते हैं। श्रवण ने सरकारी स्कूल से 10वीं में 97% और 12वीं में 88% अंक हासिल किए। 2022 में जब उसकी मां को एक सरकारी योजना के तहत मुफ्त स्मार्टफोन मिला, तो श्रवण की पढ़ाई को पंख लग गए। इंटरनेट ने उन्हें नई दुनिया से जोड़ा और पढ़ाई के घंटे भी बढ़ा दिए।
सरकारी डॉक्टरों से मिली कोचिंग
शिक्षा की दिशा में श्रवण को सबसे बड़ी मदद मिली बारमेर के कुछ सरकारी डॉक्टरों से, जो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को फ्री में NEET की कोचिंग देते हैं। उन्हीं की मदद और अपनी मेहनत से श्रवण ने यह मुकाम हासिल किया है।
श्रवण की इस सफलता में फिफ्टी विलेजर्स सेवा संस्थान का एक बड़ा योगदान है। डॉ. भरत चौधरी जी के मार्गदर्शन, मेहनत और समर्पण ने इस सपने को पंख दिए। जब हमने डॉ.भरत से बात की तो उन्होंने बताया कि 12वीं तक की पढ़ाई श्रवण ने फिफ्टी विलेजर्स सेवा संसथान की मदद से की। संस्थान गरीब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खाना और कपड़े भी उपलब्ध करता है।
डॉ.भरत ने बताया कि श्रवण 2 साल से NEET की तैयारी कर रहा था। बीते साल उसे सफलता नहीं मिल पाई थी लेकिन इस बार उसने अपने परिवार और क्षेत्र के साथ-साथ उन सभी का सिर गर्व से ऊंचा किया है जिन्होंने उसे इस तैयारी में सपोर्ट किया। श्रवण ने NEET 2025 में 556 अंक और AIR 9754 हासिल किया है। जबकि OBC श्रेणी में 4071वीं रैंक पाया है।
गांव में खुशी का माहौल
NEET का रिजल्ट आते ही खाटू गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। आसपास के लोग श्रवण के घर बधाई देने पहुंचने लगे और सोशल मीडिया पर लोग उनकी संघर्ष की कहानी शेयर करने लगे। कई सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर भी श्रवण के घर पहुंचकर उसे सम्मानित कर चुके हैं।
कभी बर्तन मांजते थे, आज डॉक्टर बनने की राह पर
श्रवण ने बताया कि बचपन में वह अपने पिता के साथ बर्तन धोने और मवेशियों की देखभाल में हाथ बंटाते थे। तब उन्होने कभी सोचा भी नहीं था कि वह डॉक्टर बन सकते हैं। लेकिन अब उनके सपने पंखों की तरह उड़ान भरने को तैयार हैं।
ये भी पढ़ें: NEET के बाद नहीं मिली सीट? विदेशों में कम कॉलेज फी में हो सकता है MBBS का सपना पूरा! यहां देखें डिटेल्स
-
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Iran Vs America: शांति वार्ता में 'लात-घूंसे', तुर्किए मीडिया का दावा, क्यों भिड़े ईरानी मंत्री- ट्रंप के दूत -
आशा ताई के सामने फफक पड़े मोहम्मद सिराज, जनाई भोसले को गले लगा खूब रोए, देश को रुला गया वीडियो -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई -
Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश -
Bihar New CM: सम्राट चौधरी के घर पहुंचे राज्यपाल के सचिव, 'कागज' लेकर राजभवन लौटे, तय हो गया नए CM का नाम? -
Balen Shah India Visit: भारत दौरे से पहले बालेन शाह ने रखी कई शर्तें, कहा- सिर्फ फोटो खिंचवाने नहीं आऊंगा -
Asha Bhosle: 'बेइंतहा खूबसूरत', कौन हैं जनाई भोसले? क्रिकेटर सिराज से उड़ी थीं अफेयर की खबरें -
Gold Rate Today: सोना खरीदारों की मौज! हफ्ते के पहले ही दिन धड़ाम से गिरे दाम, चेक करें अपने शहर का नया रेट -
'मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं', मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात? -
Tamil Nadu: धमकी से मुस्लिम महिला की सुरक्षा तक—हजीना सैयद के आरोपों से हिली कांग्रेस, चुनाव से पहले फोड़ा बम












Click it and Unblock the Notifications