Premanand Maharaj के पांडव: कौन हैं वह 5 शिष्य जो हर पल रहते हैं साथ? लाखों की जॉब और रुतबा छोड़ बने सेवक
Premanand Maharaj 5 Pandavas Education: वृंदावन की गलियों में जब भी कदम रखते हैं, वहां की हवा में एक अलग ही भक्ति और शांति का अहसास होता है। अगर बात करें श्री हित राधा केली कुंज आश्रम की और वहां के फेमस संत प्रेमानंद महाराज की, तो यह अनुभव और भी गहरा हो जाता है। प्रेमानंद महाराज सिर्फ एक गुरु नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं। हाल में उनकी तबियत को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। प्रेमानंद जी की किडनी खराब होने की वजह से वो डायलेसिस पर हैं।
बीते दिनों उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें उनका चेहरा सूजा हुआ था और लाल हो गया था। उनके हाथों में भी पट्टियां लगी हुई थी। उन्होंने माथे पर चंदन भी नहीं लगा रखा था जो वो हमेशा लगाते हैं। उनकी पद यात्रा भी अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है। इस वजह से प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। केलि कुंज ने पोस्ट शेयर कर प्रेमानंद जी के स्वास्थ्य पर अपडेट भी दिया है। इस बीच लोग लगातार प्रेमानंद जी और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी पाना चाह रहे हैं।

प्रेमानंद महाराज के सत्संग में फिल्मी सितारों से लेकर बड़े कॉर्पोरेट लीडर्स तक शामिल होते हैं। विराट कोहली, अनुष्का शर्मा और शिल्पा शेट्टी जैसे सेलिब्रिटी भी उन्हें आशीर्वाद लेने आते हैं। लेकिन महाराज के साथ हमेशा मौजूद रहते हैं उनके पांच खास शिष्य, जिन्हें लोग उनके 'पांच पांडव' कहते हैं। ये शिष्य किसी आम इंसान से कम नहीं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्र में सफल और अनुभवी लोग थे। आपको जानकार हैरानी होगी कि ये लोग काफी बड़े पदों पर रह चुके हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में...
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1. बाबा नवल नगरी: सेना के ऑफिसर से भक्ति की राह तक
बाबा नवल नगरी कभी भारतीय सेना में अधिकारी थे। उनका परिवार पठानकोट, पंजाब से है। 2008 से 2017 तक उन्होंने सेना में सेवा की। 2016 में वृंदावन की यात्रा के दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुना, जिसने उनका जीवन बदल दिया। 2017 में उन्होंने सेना छोड़कर पूरी तरह महाराज की सेवा में समर्पित हो गए। आज वे आश्रम में महाराज के सबसे करीबी शिष्य माने जाते हैं।
2. महामधुरी बाबा: प्रोफेसर से भक्ति के रास्ते पर
महामधुरी बाबा उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले हैं। पहले वे एक कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। एक बार भाई के साथ आश्रम आए और महाराज के दर्शन किए। सत्संग ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर जीवन भर भक्ति और सेवा में खुद को समर्पित कर दिया। आज वे केली कुंज आश्रम में महाराज के साथ रहते हैं।
3. श्यामा शरण बाबा: बचपन से भक्ति में रमे
श्यामा शरण बाबा, महाराज के गांव अखरी (जिला कानपुर) के रहने वाले हैं। बचपन से ही गांव में महाराज की चर्चा सुनते-सुनते उनका मन भक्ति में रम गया। बड़े होने पर उन्होंने दीक्षा लेकर महाराज की सेवा स्वीकार कर ली। आज वे हमेशा महाराज के साथ रहते हैं, जैसे उनका साया।
4. आनंद प्रसाद बाबा: बिजनेस से भक्ति की ओर
आनंद प्रसाद बाबा पहले एक सफल फुटवियर बिजनेस चलाते थे। लेकिन जीवन में कुछ अधूरा सा महसूस हुआ। प्रेमानंद महाराज से मिलने के बाद उन्होंने अपनी लाइफ का असली मकसद पाया और बिजनेस छोड़कर आश्रम के प्रबंधन और सेवा में पूरी तरह शामिल हो गए।
5. अलबेलिशरण बाबा: चार्टर्ड अकाउंटेंट से भक्ति के पथ पर
अलबेलिशरण बाबा पहले एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे। पढ़ाई और करियर के मामले में उनका भविष्य उज्जवल था। लेकिन महाराज से मिलकर उनका जीवन बदल गया। उन्होंने अपने सभी काम छोड़ दिए और भक्ति और सेवा को अपना जीवन बना लिया।
ये पांच पांडव किसी साधारण शिष्य से बढ़कर हैं। हर एक ने अपने जीवन को पूरी तरह प्रेमानंद महाराज की सेवा और भक्ति में समर्पित कर दिया। उनका उदाहरण यह दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और सच्ची भक्ति किसी की जिंदगी बदल सकती है।
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