Prateek Yadav Death: क्या डिप्रेशन में थे प्रतीक यादव? कुछ समय पहले खुद ही किया था खुलासा
Prateek Yadav Death: स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया। बुधवार की सुबह करीब 5:30 बजे उन्हें सिविल अस्पताल में लाया गया तब डॉक्टरों ने उन्हें ब्रॉट डेड घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार जब प्रतीक यादव लाए गए तब उनकी पल्स और दिल की धड़कने बंद हो चुकी थीं। नाखून और शरीर के कुछ हिस्से नीले पड़ गए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार प्रतीक यादव की मौत दिल का दौरा पड़ने, रक्त के थक्के जमना और कार्डियो-रेस्पिरेटरी कोलैप्स के कारण हुई। प्रतीक की ऐसी सदिग्ध मौत ने सबको हैरान कर दिया है क्योंकि प्रतीक यादव की पहचान सफल बिजनेसमैन के साथ फिटनेस आइकन के रूप में थी।

Prateek Yadav की वायरल हो रही
सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव की मौत के बाद उनकी एक पुरानी पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति के बारे खुलासे किए थे। जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि महज 38 साल की उम्र में दिल का दौरा और मौत की वजह पत्नी अपर्णा यादव के कारण उनका मेंटल डिप्रेशन तो नहीं था?
Prateek Yadav ने अपर्णा यादव पर लगाए थे गंभीर आरोप
दरअसल, मुलायम परिवार की बहू और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने जनवरी 2026 में पोस्ट शेयर कर तहलका मचा दिया था। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी पत्नी अपर्णा यादव को परिवार को तबाह करने वाली और नाम शोहरत की भूखी महिला होने का अरोप लगाया था। इस पोस्ट में प्रतीक यादव ने खुद स्वीकारा था कि वो डिप्रेशन का शिकार हैं।
Prateek Yadav ने पोस्ट में क्या किया था खुलासा?
जनवरी 2026 में प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा था, "वह सिर्फ मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है।" अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने जोड़ा, "इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है।"
क्या सच में अपर्णा यादव के साथ सुधर गए थे संबंध?
वहीं अपर्णा और उनकी सास साधना यादव पर निजी फायदे के लिए परिवार में दरार डालने के आरोप लगे। याद रहे जनवरी 2022 में अपर्णा ने समाजवादी पार्टी छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। हालांकि, प्रतीक की विवादित पोस्ट के कुछ समय बाद ही उनके रिश्ते में सुधार दिखा। उन्होंने तलाक संबंधी पुरानी सभी पोस्ट हटा दी थीं, और वे सोशल मीडिया पर खुशी की तस्वीरों में एक साथ नजर आए।
अपर्णा यादव ने जलाए थे सपा के झंडे
अपर्णा यादव का समाजवादी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में जाना उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी चर्चा का विषय बना था। वहीं महिला आरक्षण संसोधन बिल का लोकसभा में सपा द्वारा विरोध किए जाने के बाद अपर्णा यादव ने सपा के झंडे लखनऊ में विधानसभा के सामने जलाए थे। जिसके बाद सपा ने जमकर अपर्णा यादव की जमकर आलोचना की थी क्योंकि सपा के संस्थापक मुलायल सिंह याद की अपर्णा यादव की बहू हैं।












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