शुभांशु शुक्ला की तरह ग्रुप कैप्टन बनने के लिए करना होता है कौन सा कोर्स? ये है तैयारी से खर्च तक की डिटेल
How to become Group Captain in IAF: भारतीय वायुसेना के जाबाज पायलट, ग्रुप कैप्टन शुभांशु सिंह अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे IAF अधिकारी बन चुके हैं। एक्सिओम स्पेस के मिशन Ax-4 का हिस्सा बनकर शुभांशु अंतरिक्ष पहुंचे हैं। इससे पहले इंडियन एयर फोर्स के पायलट और ग्रुप कैप्टन राकेश शर्मा भी अंतरिक्ष जा चुके हैं हालांकि वो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) नहीं गए थे।
शुभांशु की अंतरिक्ष यात्रा ने लोगों के मन में उनकी पढ़ाई और डिग्री को लेकर उत्सुकता पैदा कर दी है। खास कर युवाओं के मन में भी उनकी तरह ग्रुप कैप्टन बनने का सपना पलने लगा है। इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए जरूरत है सही तैयारी और सही जानकारी की।

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप तक ग्रुप कैप्टन बनने के प्रोसेस की पूरी डिटेल लेकर आए हैं। साथ ही हम आपको इस बात की भी जानकारी देंगे कि यहां तक पहुंचने के लिए पढ़ाई में लगभग कितना खर्च आएगा।
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NDA से शुरू होता है सफर
अगर कोई युवा वायुसेना में अफसर बनना चाहता है तो उसकी शुरुआत NDA यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी से होती है। यह एक संयुक्त सेवा ट्रेनिंग संस्थान है, जहां सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए अफसर तैयार किए जाते हैं। NDA की परीक्षा UPSC द्वारा साल में दो बार कराई जाती है। इसमें भाग लेने के लिए 12वीं पास होना जरूरी है, जिसमें फिजिक्स और मैथ्स होना चाहिए।
NDA के बाद वायुसेना की खास ट्रेनिंग
NDA में तीन साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जो कैडेट्स वायुसेना के लिए चुने जाते हैं, उन्हें हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी (AFA) में करीब 1 साल की फ्लाइंग और सैन्य ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग के बाद उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया जाता है। यहीं से उनकी अफसर बनने की असली शुरुआत होती है।
Group Captain बनने में कितना समय लगता है?
वायुसेना में Group Captain बनना आसान नहीं होता। इसके लिए कई सालों की सेवा, अनुभव और मेहनत की जरूरत होती है। फ्लाइंग ऑफिसर से शुरुआत करने के बाद प्रमोशन के जरिए फ्लाइट लेफ्टिनेंट, स्क्वाड्रन लीडर, विंग कमांडर और फिर ग्रुप कैप्टेन (Group Captain) तक पहुंचा जाता है। आमतौर पर इस स्तर तक पहुंचने में 15 से 18 साल लगते हैं।
कोर्स का खर्च कौन उठाता है?
इस सफर में सबसे अच्छी बात यह है कि NDA और AFA में ट्रेनिंग पूरी तरह से सरकार द्वारा फ्री कराई जाती है। कैडेट्स को न केवल मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल की सुविधा मिलती है, बल्कि हर महीने करीब ₹56,100 का स्टाइपेंड भी दिया जाता है। यानी किसी तरह का निजी खर्च नहीं आता, बल्कि सरकार हर कदम पर साथ देती है।
NDA के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
- केवल भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं
- अविवाहित पुरुष उम्मीदवार (अब कुछ कोर्स में लड़कियों को भी मौका दिया जा रहा है)
- उम्र: 16.5 से 19.5 साल
- शैक्षणिक योग्यता: 12वीं पास (फिजिक्स और मैथ्स जरूरी)
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