CBSE कॉपियों की अदला-बदली पर बड़ा खुलासा! कंपनी बोली-सॉफ्टवेयर-सर्वर में नहीं थी गड़बड़ी, किस पर फोड़ा ठीकरा?

CBSE OSM Controversy: सीबीएससी की ऑनलाइन स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच इसे संचालित करने वाली एडटेक कंपनी कोएम्प्ट एजु टेक (Coempt Edu Teck) ने पहली बार विस्तार से अपना पक्ष रखा है। हाल के दिनों में कई छात्रों ने शिकायत की थी कि उन्हें अपनी जगह किसी दूसरे छात्र की उत्तर पुस्तिका दिखाई दे रही है। इसके अलावा स्कैन कॉपियों की गुणवत्ता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे थे।

इन आरोपों के बाद मामले ने तेजी से ध्यान खींचा। अब कंपनी ने दावा किया है कि पूरी जांच के बाद यह साफ हो गया है कि समस्या किसी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं हुई थी। कंपनी का कहना है कि सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा था और गलती उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान हुई मानवीय चूक से जुड़ी थी।

CBSE OSM Controversy

जांच में क्या सामने आया?

कंपनी के अनुसार आंतरिक जांच में यह पाया गया कि कुछ मामलों में स्कैनिंग के समय हुई मानवीय गलती के कारण छात्रों को गलत आंसर शीट दिखाई देने लगीं। कोएम्प्ट एजु टेक ने कहा कि यह समस्या सॉफ्टवेयर, सर्वर या किसी तकनीकी खामी से जुड़ी नहीं थी।

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कंपनी ने यह भी बताया कि जांच पूरी कर ली गई है। साथ ही कहा कि उस स्थान और संबंधित व्यक्ति की पहचान कर ली गई है जहां स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान यह गलती हुई थी। कंपनी का दावा है कि तकनीकी स्तर पर प्लेटफॉर्म सुरक्षित था और पूरे समय सही तरीके से काम करता रहा।

अधिकांश छात्रों को मिल चुकी हैं कॉपियां

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था, उनमें से करीब 95 प्रतिशत छात्रों को कॉपियां उपलब्ध करा दी गई हैं। कंपनी का कहना है कि केवल कुछ सीमित मामलों में ही कॉपियां उपलब्ध कराने में देरी हुई। इसके पीछे तकनीकी और प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। ऐसे मामलों को भी जल्द पूरा करने की प्रक्रिया जारी है।

स्कैन कॉपियों की गुणवत्ता पर जवाब

OSM पोर्टल को लेकर छात्रों की एक बड़ी शिकायत स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की गुणवत्ता को लेकर भी थी। कई छात्रों का कहना था कि कुछ पन्ने धुंधले दिखाई दे रहे थे, जबकि कुछ जगहों पर लिखावट साफ नहीं पढ़ी जा रही थी। इस पर कंपनी ने कहा कि ऐसे सभी मामलों की समीक्षा की जा रही है। संबंधित मूल्यांकन अधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं की जांच की जा रही है ताकि छात्रों को बेहतर गुणवत्ता वाली डिजिटल कॉपियां उपलब्ध कराई जा सकें।

स्कैनर बदलने के आरोपों को किया खारिज

विवाद के दौरान यह आरोप भी लगाए गए थे कि टेंडर की शर्तों में बदलाव करके कम गुणवत्ता वाले स्कैनर इस्तेमाल किए गए। कंपनी ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। कोएम्प्ट एजु टेक का कहना है कि उपयोग में लाए जा रहे स्कैनर तय मानकों के अनुरूप हैं। कंपनी ने दावा किया कि यही उपकरण देशभर में बड़े स्तर पर विभिन्न संस्थानों और प्रक्रियाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं।

एथिकल हैकर के दावों पर भी दिया जवाब

CBSE OSM प्लेटफॉर्म उस समय और चर्चा में आ गया था जब 19 वर्षीय एक एथिकल हैकर ने कथित सुरक्षा खामियों को लेकर जानकारी शेयर की थी। इसके बाद डेटा सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल उठने लगे थे।

कंपनी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि पहुंच केवल एक टेस्टिंग सर्वर तक बनाई गई थी। यह सर्वर आंतरिक परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जाता था और इसका छात्रों के वास्तविक डेटा से कोई संबंध नहीं था। कंपनी के अनुसार उस सर्वर पर केवल डमी डेटा मौजूद था और छात्र रिकॉर्ड वहां संग्रहीत नहीं थे।

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