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लक्षण देखकर जानें कैसी स्त्री होती है सौभाग्यशाली

शरीर विज्ञान के अनुसार छोटे मुंह वाली स्त्री पुरूष के लिए शुभ मानी जाती है लेकिन याद रहे, स्त्री का मुंह बहुत ही छोटा ना हो, अन्यथा वह विश्वसनीय नहीं मानी जाती।

नई दिल्ली। स्त्री ईश्वर की अद्वितीय, सुंदर और रहस्यमयी रचना है। कहते हैं कि स्त्री को समझना असंभव है। देवता तक स्त्री को समझ नहीं पाए हैं, तो मनुष्य की बिसात ही क्या? यही वजह है कि स्त्री के रहस्य हमेशा से पुरूष को आकर्षित करते आए हैं।

स्त्री को समझने, उसका मन पढ़ने, उसके भाव भंगिमा को जानने का दावा लोग करते आए हैं, पर स्त्री है कि हर दिन एक नया रूप सामने लाकर पुरूष को चमत्कृत करती आई है।

स्त्री का आकर्षण

इसी रहस्यमय स्वरूप के कारण स्त्री का आकर्षण सृष्टि के आदि से वर्तमान तक लगातार बना हुआ है। वैसे तो स्त्री को जानने, समझने के दावे पूर्णतः सही कभी भी नहीं हो पाए हैं, फिर भी प्राकृतिक आकर्षण और विवाह जैसे अवश्यंभावी संस्कार को सफल और संभव बनाने के लिए पुरूष के लिए स्त्री को जानने की ललक और आवश्यकता बनी रहती है। शरीर विज्ञान ने स्त्रियों पर किए लंबे शोध के द्वारा कुछ ऐसे लक्षण बताए हैं, जिनसे स्त्री को कुछ हद जाना जा सकता है।

यदि आप भी अपने विवाह की तैयारी में लगे हैं या प्रेम की राह पर चल पड़े हैं, तो इन लक्षणों की मदद से जानें अपनी हमसफर के बारे में...

स्त्री की नाक यदि छोटी हो...

स्त्री की नाक यदि छोटी हो...

  • शरीर विज्ञान के अनुसार छोटे मुंह वाली स्त्री पुरूष के लिए शुभ मानी जाती है। लेकिन याद रहे, स्त्री का मुंह बहुत ही छोटा ना हो, अन्यथा वह विश्वसनीय नहीं मानी जाती।
  • स्त्री की नाक यदि छोटी हो, तो वह कामकाजी होती है। नाक का आगे का हिस्सा लंबाई लिए हो, तो ऐसी स्त्री जीवनभर रानी के समान सुख भोगती है।
  • जिस स्त्री की गर्दन सुंदर, सुडौल, चार अंगुल वाली हो, वह श्रेष्ठ मानी जाती है। गले की गुटकी उंची हो, तो स्त्री सौभाग्यशाली होती है। मांसल, सुंदर गर्दन श्रेष्ठता की सूचक होती है। जिस स्त्री के गले में तीन रेखाएं पड़ती हैं, वह पति के जीवन में ऐश्वर्य लेकर आती है।
  • यदि स्त्री की ठोड़ी दो अंगुल की, मांसल और सुंदर हो, तो वह सौभाग्यशाली होती है।
  • जिन स्त्रियों के गाल गोल, सुंदर हों और जिन पर नाडि़यां दिखाई ना देती हों, वे दैवीय गुणों की धारक होती हैं।
  • गोल और लालिमा लिए होंठ

    गोल और लालिमा लिए होंठ

    • जिस स्त्री के होंठ के बीच में रेखा दिखाई दे, वह सौभाग्यशाली होती है। गोल और लालिमा लिए होंठ वाली स्त्री पति को सुख देने वाली होती है।
    • स्त्रियों के दांत नोकदार, एक सीध में, सफेद और आपस में मिले हुए अच्छे माने जाते हैं। जिन स्त्रियों के उपर नीचे सोलह-सोलह दांत हों और उनका रंग गाय के दूध के समान हो, वो पति को अत्यंत प्रिय होती हैं।
    • जिन स्त्रियों की जीभ पतली, लाल, कोमल होती है, उन्हें श्रेष्ठ पति और सौभाग्य से भरपूर जीवन मिलता है।
    • हंसते समय जिस स्त्री का मुंह थोड़ा सा खुले और दांत ना दिखें, वह पति के लिए सौभाग्य लेकर आती है।
    • हिरण के समान आंखें, जिनमें काली पुतलियां और पलकों पर छोटे, काले बाल हों, ऐसी आंखों वाली स्त्री पति के लिए शुभ होती है।
    • जिस स्त्री के बाएं हाथ में तिल हो

      जिस स्त्री के बाएं हाथ में तिल हो

      • स्त्री की भुजाएं कोमल, रोमरहित और सीधी हों, तथा कंधे कुछ आगे झुके हुए और मजबूत हों, तो ऐसी स्त्री का जीवन परम आनंद में बीतता है।
      • जिस स्त्री के बाएं हाथ में तिल हो, वह सौभाग्य लेकर आती है। इसके साथ ही गाल, होंठ, हाथ, कान या गले पर तिल वाली स्त्री का जीवन पूरी आयु सुख में बीतता है।
      • जिस स्त्री की कमर चौबीस अंगुल की हो और पेट पर तीन बल या रेखाएं पड़ती हों, वह पुरूष का भाग्योदय करती है।
      • तलवे चिकने, कोमल व उर्ध्व रेखा

        तलवे चिकने, कोमल व उर्ध्व रेखा

        • जिन स्त्रियों के तलवे चिकने, कोमल व उर्ध्व रेखा में हों तथा उन पर शंख, कमल, ध्वजा या मछली का चिन्ह हो, ऐसी स्त्री अपने पति को अथाह धन का स्वामी बनाता है।
        • स्त्री के पैर की अंगुलियां कोमल और जुड़ी हुई हों, तो वह परम सौभाग्यशाली होती है। इसके विपरीत यदि पैरों की अंगुलियों के बीच में दूरी बहुत ज्यादा हो, तो ऐसी स्त्री धन संचित नहीं कर पाती।
        • स्त्री को जानना मुश्किल

          स्त्री को जानना मुश्किल

          स्त्री रहस्य को जानने की चेष्टा यूं तो कई प्रकार से की जाती रही है, पर आज भी ऐसा कोई ग्रंथ नहीं है, जो स्त्री के स्वभाव को निर्णायक रूप से निश्चित कर पाया हो। उपर्युक्त बताए गए लक्षण स्त्रियों के आम स्वभाव का अध्ययन कर लगभग प्रमाणित पाए गए हैं, पर कई बार इनमें अंतर भी देखने में आ सकता है। स्त्री ईश्वर का रचा रहस्य है, जिसे पूरी तरह कभी आंका या जाना नहीं जा सकता। स्वयं स्त्री भी अपने आपको पूरी तरह नहीं जानती तो किसी और के बारे में उसे पूरी तरह जान पाना असंभव है। इसके बावजूद उपर्युक्त लक्षणों के आधार पर स्त्रियों के स्वभाव का सतही आकलन तो किया ही जा सकता है।

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