क्या होते हैं मुहूर्त, 24 घंटे में 30 मुहूर्तो का क्या है महत्व?
नई दिल्ली, 19 अगस्त। वैदिक काल से भारतीय परंपरा में मुहूर्तो का बड़ा महत्व बताया गया है। प्रत्येक कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त का विचार अवश्य किया जाता है। वास्तव में मुहूर्त समय मापने की एक प्राचीन इकाई है। सूर्योदय से सूर्योदय तक अर्थात् 24 घंटे में 30 मुहूर्त होते हैं। 15 मुहूर्त दिन में और 15 मुहूर्त रात्रि में होते हैं। एक मुहूर्त दो घड़ी अर्थात् लगभग 48 मिनट का होता है। इन 30 मुहूर्तो में कुछ शुभ तो कुछ अशुभ होते हैं। इसलिए कार्यो की सिद्धि और सफलता के लिए शुभ मुहूर्तो का विचार किया जाता है। आइए जानते हैं 30 मुहूर्तो के नाम, शुभ-अशुभ और इनका समय।

- प्रात: 6 से 6.48- रुद्र- अशुभ
- प्रात: 6.48 से 7.36- आहि- अशुभ
- प्रात: 7.36 से 8.24- मित्र- शुभ
- प्रात: 8.24 से 9.12- पितृ- अशुभ
- प्रात: 9.12 से 10- वसु- शुभ
- प्रात: 10 से 10.48- वाराह- शुभ
- प्रात: 10.48 से 11.36- विश्वेदेवा- शुभ
- प्रात: 11.36 से 12.24- विधि- शुभ सोमवार और शुक्रवार को छोड़कर
- दोप. 12.24 से 1.12- सतमुखी- शुभ
- दोप. 1.12 से 2 - पुरुहूत- अशुभ
- दोप. 2 से 2.48- वाहिनी- अशुभ
- दोप. 2.48 से 3.36- नक्तनकरा- अशुभ
- दोप. 3.36 से 4.24- वरुण- अशुभ
- दोप. 4.24 से 5.12- अर्यमा- शुभ रविवार को छोड़कर
- सायं 5.12 से 6- भग- अशुभ
- सायं 6 से 6.48- गिरीश- अशुभ
- सायं 6.48 से 7.36- अजपाद- अशुभ
- सायं 7.36 से 8.24- अहिर बुध्न्य- शुभ
- रात्रि 8.24 से 9.12- पुष्य- शुभ
- रात्रि 9.12 से 10- अश्विनी- शुभ
- रात्रि 10 से 10.48- यम- अशुभ
- रात्रि 10.48 से 11.36- अग्नि- शुभ
- रात्रि 11.36 से 12.24- विधातृ- शुभ
- रात्रि 12.24 से 1.12- कण्ड- शुभ
- रात्रि 1.12 से 2- अदिति- शुभ
- रात्रि 2 से 2.48- जीव-अमृत- अत्यंत शुभ
- रात्रि 2.48 से 3.36- विष्णु- शुभ
- रात्रि 3.36 से 4.24- युमिगद्युति- शुभ
- प्रात: 4.24 से 5.12- ब्रह्म- अत्यंत शुभ
- प्रात: 5.12 से 6- समुद्रम- शुभ












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