Vastu Tips: बड़े काम की हैं ये छोटी-छोटी बातें

नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र एक ऐसा वैज्ञानिक दस्तावेज है जिसमें किसी घर में रहने वाले व्यक्तियों की सुख-समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अनेक नियम बताए गए हैं। कई नियम दिखने-सुनने में बहुत छोटे-छोटे हैं लेकिन उनका बड़ा प्रभाव होता है। इन साधारण से दिखने वाले नियमों का पालन करने से न केवल व्यक्ति की सफलता सुनिश्चित हो जाती है, बल्कि उसके प्रत्येक कार्य में आ रही रूकावटें भी दूर हो जाती हैं।

आइए जानते हैं वे टिप्स ...

आभूषण हमेशा बैठकर ही पह

आभूषण हमेशा बैठकर ही पह

  • आभूषण हमेशा बैठकर ही पहनें, चलते हुए न पहनें इससे उनकी वृद्धि में कमी आती है।
  • पूर्व या उत्तरमुखी होकर आभूषण पहनना सौभाग्यशाली होता है। इससे प्रतिष्ठा बढ़ती है और अपयश से बचाव भी होता है।
  • मकान बनवाते समय सबसे पहले बोरिंग, फिर चौकीदार का कमरा और बाद में बाहरी दीवार बनवाएं। इससे निर्माण कार्य समय पर पूरा होता है।
  • एक्सपायर्ड दवाएं रात को ही फेंकनी चाहिए

    एक्सपायर्ड दवाएं रात को ही फेंकनी चाहिए

    • घर में कन्याओं का कमरा उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में ही बनाना चाहिए। ऐसा करने से उनके कॅरियर और विवाहादि कार्य बिना रूकावट जल्दी होते हैं।
    • एक्सपायर्ड दवाएं रात को ही फेंकनी चाहिए। इससे घर में दवाओं का आना बंद हो जाता है।
    • तुलसी के गमले में दूसरा कोई और पौधा न लगाएं, ऐसा करने से धनहानि हो सकती है या बनते काम बिगड़ सकते हैं।
    • पूर्व या उत्तर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं। इससे घर में शारीरिक, मानसिक, आर्थिक लाभ बना रहता
    • पलंग पर स्टील के बर्तन न रखें

      पलंग पर स्टील के बर्तन न रखें

      • पलंग पर स्टील के बर्तन न रखें, इससे स्वास्थ्य लाभ में कमी आ सकती है।
      • बिजली के स्विच, बिजली का मुख्य मीटर, टीवी आदि कमरे में आग्नेय कोण अथवा वायव्य कोण में रखने से धन में वृद्धि होती है।
      • भूलकर भी दर्पण पश्चिम या दक्षिण की दीवार पर न लगाएं। दर्पण पूर्व या उत्तर की दीवार पर लगाएं। ऐसा करने से प्रगति जल्दी होती है।
      • वास्तुदोष

        वास्तुदोष

        • भवन निर्माण इस प्रकार से किया जाए कि भूखंड में भवन के चारों ओर खुला स्थान रहे। इससे यशवृद्धि होती है।
        • मकान की नींव खोदने का काम आग्नेय कोण से शुरू करके नैऋत्य कोण की तरफ बढ़े। कंस्ट्रक्शन नैऋत्य कोण की तरफ से आरंभ करके आग्नेय कोण की तरफ बढ़े। ऐसा करने से वास्तुदोष का प्रभाव कम होता है।
        • ब्रश या दातुन

          ब्रश या दातुन

          • बेसमेंट में दुकान या ऑफिस लेना हो तो पूर्व या उत्तर की दिशा में ही लें।
          • ब्रश या दातुन करते समय मुंह पूर्व की ओर होना चाहिए।
          • क्षौरकर्म (बाल कटवाना) पूर्व अथवा उत्तर की ओर मुख करके ही कराना चाहिए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+