क्यों पहनें सर्प, कछुए, सूर्य के आकार की अंगूठी
नई दिल्ली। किसी जातक की जन्मकुंडली में यदि ग्रहों का संतुलन बिगड़ गया है तो उसके जीवन में कई तरह की परेशानियां आने लगती है। मानसिक अस्थिरता के अलावा आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक जीवन में संकट का सामना करना पड़ता है। ग्रहों को ठीक करने के लिए वैदिक ज्योतिष में कई तरह के उपायों का वर्णन मिलता है, उन्हीं में से एक है विभिन्न प्रकार के छल्लों का प्रयोग। प्रत्येक ग्रह से कोई न कोई धातु जुड़ी हुई है, उस संबंधित ग्रह को ठीक करने के लिए उससे संबंधित धातु का छल्ला पहना जाता है, लेकिन कुछ विशेष प्रकार की अंगुठियां भी होती हैं जिनका प्रयोग किया जाता है ग्रहों की बिगड़े स्वरूप को ठीक करने में। आइए जानते हैं वे कौन-कौन से प्रकार की अंगुठियां होती हैं।

सर्प के आकार की अंगूठी:
सर्प के आकार की अंगूठी का प्रयोग कालसर्प दोष, पितृ दोष और ग्रहण दोष दूर करने के लिए किया जाता है। यह अंगूठी इस प्रकार की होती है कि उसके उपर की ओर सर्प बना हुआ होता है। यदि किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष बना हुआ है तो उन्हें चांदी या अष्टधातु की सर्प आकार की अंगूठी पहनना चाहिए।

कछुए के आकार की अंगूठी:
कछुए को धन प्रदायक माना जाता है। वैदिक ज्योतिष के अलावा वास्तु और फेंगशुई में भी कछुए को शुभता का प्रतीक माना जाता है। कछुए की अष्टधातु की अंगूठी धारण करने से धन संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं। जिन लोगों के जीवन में लगातार आर्थिक संकट बना हुआ होता है, बिजनेस में पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा हो, धन की बचत नहीं हो पा रही हो, पारिवारिक जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो शुक्रवार के दिन कछुए के आकार की अंगूठी जरूर पहनें। इससे शीघ्र ही आपकी समस्याओं का समाधान होने लगेगा।

सूर्य के आकार की अंगूठी:
सूर्य मान-सम्मान, तरक्की, उन्नति का प्रतीक माना जाता है। जिन लोगों को सामाजिक-पारिवारिक जीवन में सम्मान, प्रतिष्ठा, पद प्राप्त नहीं हो पा रहा है उन्हें सूर्य के आकार की अंगूठी धारण करना चाहिए। नौकरी में तरक्की, प्रमोशन और पद प्राप्त करने के लिए सूर्य के आकार की अंगूठी पहनना चाहिए।

त्रिशक्ति अंगूठी:
त्रिशूल, ओम और स्वस्तिक इन तीनों चिन्हों से बनी अंगूठी त्रिशक्ति अंगूठी कहलाती है। यह अंगूठी जीवन के समस्त रोग, दोष दूर करके सकारात्मक उर्जा का संचार करती है। जो लोग डिप्रेशन में हैं, तनाव में हैं, मानसिक रूप से परेशान हैं, शत्रु परेशान कर रहे हैं तो यह त्रिशक्ति अंगूठी धारण करें। त्रिशूल शत्रुओं से रक्षा करता है। ओम मानसिक शांति देता है और स्वस्तिक से जीवन में शुभ कार्य होते हैं।
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