सूर्य के आद्र्रा नक्षत्र में प्रवेश करने से प्रारंभ होती है वर्षा ऋतु
नई दिल्ली, 9 जून। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में प्रकृति से उत्तम तरीके से साम्य स्थापित किया गया है इसीलिए प्रकृति, मौसम, पर्यावरण में होने वाले पल-पल के बदलाव को ज्योतिषीय गणना के माध्यम से सटीक रूप से बताया जा सकता है। वर्षा ऋतु की ही बात करें तो सूर्य के आद्र्रा नक्षत्र में प्रवेश करने के समय से वर्षा ऋतु का आरंभ माना जाता है। आद्र्रा से नौ नक्षत्र र्पयत तक वर्षा ऋतु का चक्र होता है। अर्थात् सूर्य जब आद्र्रा से चित्रा नक्षत्र तक पहुंचता है तब तक वर्षा ऋतु चलती है।

इस वर्ष सूर्य 22 जून को प्रात: 11.42 बजे आद्र्रा नक्षत्र में प्रवेश कर रहा है। अर्थात् 22 जून 2022 बुधवार से वर्षा ऋतु आरंभ हो रही है। इसके अनुसार तात्कालिक वार व योग का फल शुभफल है। तिथि व नक्षत्र का फल नेष्टप्रद है।
भूभागों में सामान्य से अधिक वर्षा के योग बनेंगे
सूर्य के आद्र्रा प्रवेश के समय चंद्र पूर्ण जलचर राशि मीन में स्थित होकर सूर्य से केंद्र स्थान में होने के कारण भारत के अधिकांश क्षेत्रों में प्राय: अच्छी वर्षा होगी, कहीं मध्यम या खंड वृष्टि होगी। पक्षांत तक पश्चिमोत्तर भारत में धीरे-धीरे वर्षा के योग बनेंगे। इस आर अच्छी वर्षा के योग बन रहे हैं। भारत के अनेक भूभागों में सामान्य से अधिक वर्षा के योग बनेंगे। उत्तर और दक्षिण के राज्यों में अति वृष्टि से जनहानि होने की आशंका भी रहेगी।












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