Surya Grahan 2026 Kab hai: इस तारीख को लगने जा रहा है साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, क्या भारत में आएगा नजर?
Surya Grahan 2026 Kab hai: सूर्य ग्रहण वैसे तो खगोलीय घटना है लेकिन इसका असर सभी राशियों पर पड़ता है इसलिए ज्योतिष के मद्देनजर ग्रहण का होना शुभ नहीं माना जाता है। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा लेकिन ये इंडिया में नजर नहीं आएगा।
भारतीय समयानुसार ये ग्रहण 12 अगस्त रात 9:04 PM से सुबह 4:25 AM बजे तक रहेगा लेकिन इस वक्त हमारे देश में रात होगी इसलिए ये दिखाई नहीं देगा और ना ही इसका सूतक काल लगेगा इसलिए इस दिन पूजा-पाठ भी वर्जित नहीं होंगे।

क्यों खास है यह Surya Grahan 2026?
यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, यानी चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेगा। इस दौरान दिन में भी कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा, यह दृश्य बेहद दुर्लभ और रोमांचक होता है लेकिन भारत के लोग इस सुंदर नजारे का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे। यह ग्रहण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और यूरोप के कई हिस्सों में पूरी तरह दिखाई देगा।
28 अगस्त को लगेगा साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण
मालूम हो कि साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था लेकिन ये भी भारत में नजर नहीं आया था और दूसरा भी देश में प्रभावी नहीं है। बल्कि साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को यानी की फाल्गुनी पूर्णिमा के दिन लगा था, ये भारत में नजर आया था इसलिए इसका सूतक काल मान्य था जबकि साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा लेकिन ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
अगस्त के महीने में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों लगेंगे
खास बात ये है कि अगस्त के महीने में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों हैं। मालूम हो कि सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को और चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को लगता है। सूर्य ग्रहण को हिंदू धर्म और ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता है, माना जाता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, इसलिए शास्त्रों में कुछ उपाय और नियम बताए गए हैं जो कि निम्नलिखित हैं...।
- सूर्य ग्रहण के समय "ॐ सूर्याय नमः", "ॐ नमः शिवाय"का जाप विशेष फलदायी होता है, इस समय किया गया जाप कई गुना अधिक फल देता है और मानसिक शांति भी मिलती है।
- सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना जरूरी माना जाता है, इससे शरीर और मन की शुद्धि होती है, गंगा जल मिलाकर स्नान करना और भी शुभ माना जाता है।
- सूर्य ग्रहण के बाद दान करना बहुत पुण्यदायी होता है।जरूरतमंदों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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