Surya Grahan Sutak Time: साल का पहला सूर्य ग्रहण प्रारंभ, क्या लगा है सूतक काल? कहां देखें लाइव प्रसारण?
Surya Grahan Sutak Time: साल का पहला सूर्य ग्रहण प्रारंभ हो चुका है, ये आंशिक है और भारत में प्रभावी नहीं हैं, इसलिए इसका सूतक काल नहीं लगा है। ये यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका तथा आर्कटिक के कुछ इलाकों में नजर आ रहा है।
भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण आज दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

लेकिन जो लोग सूर्य ग्रहण देखना चाहते हैं, वो इसे नासा के You Tube चैनल पर लाइव देख सकते हैं और इसका लाइव प्रसारण timenddate.com पर भी होगा। वैसे तो ये खगोलीय घटना है लेकिन इसका प्रभाव लोगों के जीवनन पर पड़ता है, ऐसा ज्योतिष शास्त्र कहता है।
12 घंटे पहले लगता है सूतक काल
आम तौर पर जब ग्रहण प्रभावी होता है तो उससे 12 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन फिर भी आज अमावस्या का दिन है इसलिए ग्रहण काल में कुछ बातों का विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, आइए जानते हैं कि ग्रहणकाल में क्या करें और क्या ना करें?
क्या करें (Surya Grahan)
- ग्रहणकाल में घर के मेनडोर पर धूपबत्ती जलाएं जिससे घर में निगेटिव चीजें प्रवेश ना करें।
- तुलसी के पत्ते को खाने-पीने की चीजों में डाल दें।
- ईश्वर का ध्यान करें और भजन-कीर्तन करें।
- सूर्यदेव की आरती करें।
क्या ना करें (Surya Grahan)
- घर के मंदिर में ना जाएं।
- तुलसी के पौधे को हाथ ना लगाएं।
- गर्भवती महिलाएं घर से बाहर ना निकलें।
- गर्भवती महिलाएं कैंची-चाकू का भी प्रयोग न करें।
- झगड़ा ना करें, बुराई ना करें।
- खाना ना खाएं।
- गाय, भैंस या बकरी का दोहन न करें।
सूर्यदेव की आरती (Surya Grahan)
- ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
- जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
- धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
ग्रहणकाल में हमेशा प्रभु का ध्यान करना चाहिए
- सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी।
- तुम चार भुजाधारी।। अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे।
- तुम हो देव महान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
- फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
- गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।। देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते।
- आदित्य हृदय जपते।। स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी।
- दे नव जीवनदान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार।
- महिमा तब अपरम्पार।।
- प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते।
- बल, बुद्धि और ज्ञान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं।
- सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।
- वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने।
- तुम ही सर्वशक्तिमान।।
- ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल।
- तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
- ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी।
- शुभकारी अंशुमान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
- ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
- जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
- धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
- जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥
- रजनीपति मदहारी, शतदल जीवनदाता।
- षटपद मन मुदकारी, हे दिनमणि दाता॥
- जग के हे रविदेव, जय जय जय रविदेव।
- जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥
- नभमंडल के वासी, ज्योति प्रकाशक देवा।
- निज जन हित सुखरासी, तेरी हम सबें सेवा॥
- करते हैं रविदेव, जय जय जय रविदेव।
- जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥
- कनक बदन मन मोहित, रुचिर प्रभा प्यारी।
- निज मंडल से मंडित, अजर अमर छविधारी॥
- हे सुरवर रविदेव, जय जय जय रविदेव।
- जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।












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