Surya Grahan Kab Hai: क्या 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण है? कब से लगेगा सूतक काल? जानिए सबकुछ
Surya Grahan Kab Hai 2025: सूर्य ग्रहण वैसे तो खगोलीय घटना है लेकिन हमारे वैदिक धर्म में ग्रहण को अच्छा नहीं माना जाता है इसलिए इसका जिक्र जब भी होता है तो लोगों के दिल-दिमाग में एक भय पैदा हो जाता है। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर किसी ने अफवाह उड़ा दी है कि 2 अगस्त यानी कि शनिवार को साल का दूसरा सूर्यग्रहण लगने जा रहा है और ये पिछले दस सालों में लगे सभी सूर्य ग्रहणों से कहीं ज्यादा लंबा होगा, जिसका घातक असर लोगों के जीवन पर पड़ेगा।
जिसके बाद लोग इसके समय और सावधानियों को लेकर सोशल मीडिया पर सर्च करने लगे और देखते ही देखते वहां सवालों की बाढ़ सी आ गई है जबकि सच तो ये है कि 2 अगस्त को कोई सूर्य ग्रहण नहीं लगने जा रहा है और जब ग्रहण नहीं तो सूतककाल कैसा?

आपको बता दें कि इस साल दो सूर्य ग्रहण लगने थे। पहला 29 मार्च को लग चुका है तो वहीं दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को दिखेगा।
दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा (Surya Grahan 2025)
पहला ग्रहण भारत में प्रभावी नहीं था इसलिए इसका सूतक काल नहीं लगा था, ये केवल एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई दिया था और दूसरा सूर्य ग्रहण भी भारत में नजर नहीं आएगा।
21 सितंबर का Surya Grahan रात 11 बजे से शुरू होगा
ये आंशिक सूर्य ग्रहण है, जो कि भारतीय समयानुसार, 21 सितंबर का ग्रहण रात 11 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 3 बजकर 24 मिनट तक चलेगा। इसकी कुल अवधि लगभग 4 घंटे 24 मिनट होगी। जिस वक्त ये ग्रहण लगेगा, उस वक्त भारत में रात होगी इसलिए इस खगोलीय घटना का गवाह हिंदुस्तान नहीं बनेगा।
कब लगता है Surya Grahan?
जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता, तो उसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ये केवल अमावस्या के दिन ही होता है। सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकिं ग्रहण काल में काफी खतनाक किरणें निकलती हैं, जो कि आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
सूर्य ग्रहण के प्रकार
- पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse)
- आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse)
- वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse)
- मिश्रित ग्रहण (Hybrid Eclipse)
आपको बता दें कि वैदिक धर्म में ग्रहण को अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि माना जाता है कि ग्रहों का परिवर्तन जातकों के जीवन पर असर डालते हैं इसलिए इस दौरान हर किसी को सावधानी बरतनी जरूरी होती है।
आइए जानते हैं Surya Grahan के दौरान क्या करें और क्या ना करें?
क्या करें?
- ग्रहणकाल में धूप जलाकर रखें।
- ग्रहण काल से पहले तुलसी के पत्ते को खाने-पीने की चीजों में डाल दें।
- ईश्वर का ध्यान करें और भजना-कीर्तन करें।
क्या ना करें?
- पूजा स्थल के पास ना जाएं।
- तुलसी के पौधे को हाथ ना लगाएं।
- गर्भवती महिलाएं घर से बाहर ना निकलें।
- गर्भवती महिलाएं कैंची-चाकू का प्रयोग न करें।
- झगड़ा ना करें।
- निंदा ना करें।
- भोजन ना करें।
Disclaimer: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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