Surya Mangal Gochar: सूर्य और मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर एक ही दिन, जानिए प्रभाव
Surya Mangal Gochar effect: कार्तिक शुक्ल तृतीया 16 नवंबर 2023 गुरुवार को एक साथ दो बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन हो रहा है। सूर्य रात्रि में 1 बजकर 18 मिनट पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा, जबकि इसी दिन प्रात: 10 बजकर 45 मिनट पर मंगल स्वराशि वृश्चिक में गोचर प्रारंभ करेगा।

वृश्चिक राशि में पहले से बुध स्थित होने के कारण इस राशि में त्रिग्रही योग बनेगा। सूर्य बुध मिलकर बुधादित्य योग का निर्माण भी कर रहे हैं, वहीं मंगल का स्वराशि में आना सभी राशि के जातकों के लिए मंगल फलप्रदायक रहने वाला है।
सूर्य के वृश्चिक का फल
मंगल की राशि वृश्चिक में सूर्य का आना सभी राशि के जातकों के लिए लाभदायक रहने वाला है। लंबे समय से अटके हुए कार्यों को गति मिलने वाली है। मानसिक सुख-शांति प्राप्त होगी। विशेषकर आर्थिक मामलों में प्रगति आने वाली है। जिन लोगों की वृश्चिक राशि है उन्हें विशेष सफलताएं, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा मिलने वाली है। शारीरिक रोगों में कमी आएगी, जिन लोगों को रक्त संबंधी कोई रोग है उन्हें राहत मिलने वाली है। किंतु ध्यान रखें, इस दौरान आपको सत्कर्म करने होंगे। झूठ, पापाचार, लालच का त्याग करना होगा।
मंगल के वृश्चिक का फल
मंगल स्वराशि वृश्चिक में आ रह है। यह समय सभी लोगों के लिए कर्ज मुक्ति दिलाने वाला रहेगा। भूमि, भवन आदि को लेकर जो लोग कर्ज में डूबे हुए हैं, उन्हें कर्ज चुकाने का कोई मार्ग मिलेगा। पैतृक संपत्ति मिल सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद होने वाला है। आर्थिक प्रगति होने वाली है।
वृश्चिक में बनेगा त्रिग्रही योग
सूर्य और मंगल के राशि परिवर्तन से वृश्चिक राशि में बुध के साथ त्रिग्रही योग बन रहा है। यह योग लाभदायक रहने वाला है। पारिवारिक सामंजस्य बनेगा, मानसिक शांति प्राप्त होगी। आर्थिक संपन्नता आएगी। नौकरी में प्रमोशन, धन लाभ होगा।
क्या उपाय करें
वैसे तो यह गोचर सभी के लिए सामान्य रहने वाला है किंतु व्यक्तिगत कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार निजी फलों में भिन्नता आ सकती है। कुछ लोगों के लिए यह गोचर हानिकारक भी हो सकता है, इसलिए सभी जातक इस एक माह के गोचर के दौरान प्रत्येक दिन सूर्यदेव को जल अर्पित करें और लाल चंदन का तिलक मस्तक और कंठ पर अवश्य लगाएं।












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