सूर्य 13 फरवरी से कुंभ राशि में, सुख-संपत्ति के खुलेंगे रास्ते
नई दिल्ली। मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, पिता का सुख, सरकारी नौकरी, उच्च पद, प्रशस्ति, आयु और आत्मा का प्रतिनिधि ग्रह सूर्य प्रत्येक राशि में लगभग 30 दिन गोचर करता है। इस प्रकार प्रत्येक 30 दिन में सूर्य अपनी राशि बदल लेता है। 14 जनवरी से मकर राशि में चल रहे सूर्यदेव 13 फरवरी 2020, गुरुवार को दोपहर 2.53 बजे मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को सबसे प्रमुख और ग्रहों में राजा कहा गया है। जातक की जन्मकुंडली में बाकी ग्रहों की स्थिति कैसी भी हो, लेकिन सूर्य का शुभ स्थिति में होना अत्यंत आवश्यक है। शुभ सूर्य जातक को वह सबकुछ प्रदान करता है, जिसकी चाह आमतौर पर प्रत्येक व्यक्ति को होती है, लेकिन खराब सूर्य जीवन में सुख की कमी लाता है।
सूर्य का शनि की राशि कुंभ में गोचर आपकी राशि पर क्या असर दिखाएगा, आइए जानते हैं....

सूर्य का गोचर लाभ देगा
मेष : द्वादश राशि चक्र की इस प्रथम राशि के लिए सूर्य का गोचर एकादश स्थान में होगा। यह आय स्थान है इसलिए मेष राशि वालों की आय में कुछ मात्रा में कमी होने के संकेत जरूर हैं लेकिन खर्च में कमी आने से आप पुराना कर्ज चुकाने में कामयाब होंगे। मेष राशि के जातक का स्वभाव इस दौरान क्रोधी हो सकता है। इसका असर आपके निजी संबंधों पर पड़ सकता है। सूर्य का यह गोचर आपके पिता के लिए अनुकूल साबित हो सकता है।
वृषभ : वृषभ राशि के लिए सूर्य का कुंभ राशि में गोचर दसवें भाव में होगा। यह कार्य और आजीविका का स्थान है। सूर्य जब आपके इस भाव में आएगा तो आपके कॅरियर को नई दिशा मिलने वाली है। विदेश जाने का सपना मन में है तो वह पूरा हो सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से सूर्य का यह गोचर ठीक रहेगा। पुराने रोग दूर होंगे। हालांकि इस दौरान आपको वाहन आदि का प्रयोग करते समय सावधानी रखना होगी। शत्रु हानि पहुंचाने का प्रयास करेंगे। कार्य में बाधा डालेंगे।
मिथुन : मिथुन राशि के लिए सूर्य का गोचर नवम स्थान में होगा। यह भाग्य भाव है। इसलिए इस राशि के लोगों को प्रत्येक कार्य में भाग्य का साथ मिलने वाला है। यदि आप नौकरी में हैं तो वेतनवृद्धि मिलेगी। बिजनेस में हैं तो प्रॉफिट होगा। इस राशि के जो लोग आर्ट, कल्चर से जुड़े हैं उन्हें कोई बड़ा सम्मान मिलने के योग बनेंगे। दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। प्रेमी-प्रेमिकाओं का वक्त में प्रेमालाप में बीतेगा। भूमि, संपत्ति संबंधी कार्य होंगे।
कर्क : कर्क राशि के लिए सूर्य का गोचर आठवें भाव में होगा। अष्टम में सूर्य का गोचर कर्क के लिए ठीक नहीं रहेगा। इन्हें मानसिक, शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ेगा। दांपत्य जीवन में तनाव पैदा होगा। सेहत के प्रति सचेत रहें। अस्थमा या फेफड़ों में इंफेक्शन हो सकता है। कार्यक्षेत्र के लिए यह गोचर शुभ है। नौकरी में मनमाफिक तरक्की मिलने के योग हैं। मानसिक तनावों से मुक्ति भी मिलेगी, लेकिन आपको अपनी वाणी और क्रोध पर संयम रखना होगा।

आय में वृद्धि होगी, सुख संपत्ति प्राप्त हो
सिंह : सिंह सूर्य की ही राशि है और इस राशि के लिए सूर्य का गोचर सप्तम भाव में होगा। सप्तम स्थान वैवाहिक सुख, दांपत्य जीवन और बिजनेस में पार्टनरशिप का स्थान है। रिश्तों में चल रही कड़वाहट दूर होगी। पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ेगा। पुराने समय से रूके हुए कार्यों में तेजी आएगी। साझेदारी में कोई काम शुरू करना चाहते हैं तो करें, लाभ होगा। इस एक माह के दौरान सिंह राशि वालों को लंबी दूरी की यात्राएं करना पड़ेंगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
कन्या : कन्या राशि के लिए सूर्य का गोचर छठे भाव में होगा। सूर्य के प्रभाव से पुराने रोग दूर होंगे। खासकर जिन लोगों को सर्दी-जुकाम, अस्थमा, डायबिटीज और कोई मानसिक रोग है तो वह दूर होगा। परिवार के साथ किसी सुखद और मनोरंजक यात्रा पर जाने का संयोग बनेगा। व्यापार विस्तार की योजना बनेगी और उसमें कामयाब भी होंगे। व्यर्थ के वाद-विवादों से बचने का प्रयास करें। आर्थिक रूप से किसी भी नए व्यक्ति या नई योजना पर सहसा विश्वास ना करें।
तुला : तुला राशि के लिए सूर्य का गोचर पंचम स्थान में होगा। यह गोचर इनके पारिवारिक जीवन और खासकर संतानपक्ष के लिए बेहतर साबित होने वाला है। दांपत्य जीवन में चला आ रहा मनमुटाव दूर होगा। अविवाहितों के विवाह के योग बनेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। भाई-बंधुओं से चल रहा मनमुटाव भी दूर होगा। तुला राशि के जातकों को आगामी एक माह में कोई नया रिश्ता मिल सकता है। प्रेम संबंध बनेंगे। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जातक लाभ की स्थिति में रहेंगे।
वृश्चिक : वृश्चिक राशि के लिए सूर्य चतुर्थ स्थान में गोचर करेगा। यह सुख स्थान है। इसलिए सूर्य का प्रभाव पूर्ण रूप से इस राशि पर रहने वाला है। इनकी आय में वृद्धि होगी, सुख संपत्ति प्राप्त होगी। मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूती आएगी। कठिन से कठिन चुनौती से निपटने की हिम्मत मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में प्रमोश्ान, वेतनवृद्धि मिलेगी। व्यापार विस्तार के लिए कर्ज लेना पड़ेगा लेकिन उसे समय पर चुका देंगे।

स्वास्थ्य को लेकर भी किसी परेशानी से गुजरना पड़ सकता है....
धनु : धनु राशि के लिए सूर्य का गोचर तीसरे भाव में होगा। पारिवारिक दृष्टि से यह गोचर धनु के लिए शुभ साबित होने वाला है। कार्य योजनाएं सफल होंगी। प्रेम संबंध में सावधानी से चलने की जरूरत होगी। व्यर्थ की बहस में उलझेंगे तो प्रेम संबंध टूट सकता है। इस राशि के जो लोग नौकरी में परिवर्तन करना चाहते हैं वे बेशक कर सकते हैं। आर्थिक जरूरतों में भाई-बहन आपकी मदद के लिए आगे आएंगे। संतान की ओर से शुभ समाचार प्राप्त होगा।
मकर : मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर द्वितीय भाव यानी धन स्थान में होगा। धन स्थान में सूर्य का गोचर होना मकर राशि वालों के लिए अत्यंत शुभ साबित होने वाला है। ये जातक आर्थिक योजनाओं में सफल होंगे। धन संबंधी समस्त जरूरतें पूरी होंगी। मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, लेकिन ध्यान रहे किसी बात का अत्यधिक घमंड आपके लिए घातक साबित हो सकता है। परिवार को साथ लेकर चलना होगा। योग, अध्यात्म में कॅरियर बनाने का मार्ग खुलेगा।
कुंभ : सूर्य इस राशि के लिए प्रथम स्थान में प्रवेश करेगा। शारीरिक रूप से इस राशि वाले जातकों को मजबूती मिलेगी। रोग दूर होंगे। नेत्र और मस्तिष्क संबंधी रोगों से छुटकारा मिलेगा। आप अपने व्यवहार और कुशल बातचीत के जरिए दूसरों को प्रभावित करने में सफल होंगे। इस दौरान आपकी निणर््ाय क्षमता मजबूत रहेगी। पिता की सेहत के प्रति सजग रहें। शारीरिक रूप से आपको मजबूती मिलेगी। सामाजिक जीवन में प्रतिष्ठा और सम्मान मिलेगा।
मीन : मीन राशि के लिए सूर्य का गोचर द्वादश स्थान में होगा। इस राशि वालों के खर्च में वृद्धि होगी, लेकिन यह खर्च पारिवारिक जरूरतों पर ही होगा। इस दौरान अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा, वरना मुसीबत में पड़ जाएंगे। स्वास्थ्य को लेकर भी किसी परेशानी से गुजरना पड़ सकता है। कोशिश करें इस एक माह में कोई वाहन, संपत्ति न खरीदें। किसी मित्र के सहयोग से बड़ी कार्ययोजना सफल होगी और आपके जीवन को नई दिशा मिलेगी।












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