अगर आपकी हथेली में है ये निशान तो मिलेगी हसीन बीवी...
नई दिल्ली। हथेली में कई बार तारे की तरह आकृति दिखाई देती है। हालांकि यह आकृति अत्यंत सूक्ष्म होती है, फिर भी विशेषज्ञ गहराई से देखने पर इनकी स्थिति और फलादेश जान लेते हैं। हथेली पर तारे या नक्षत्र का चिन्ह अतिभावी परिणामों का वाहक होता है। यह चिन्ह अपने धारक को मिला-जुला प्रभाव देता है। हथेली में इसकी स्थिति के अनुरूप इसका फलादेश बदल जाता है।
इसके साथ ही यह तय है कि तारा चिन्ह जो कुछ भी देता है, प्रबल या अपार रूप में देता है। अब यह जातक के भाग्य पर निर्भर करता है कि तारा चिन्ह सुखदायी होगा या दुखदायी, पर यह निश्चित है कि जो मिलेगा, वह लगातार और भरपूर मात्रा में मिलेगा।
अपने धारक को क्या देता है यह तारा चिन्ह, आइए जानते हैं-

गुरु पर्वत पर तारा
- यदि गुरु पर्वत पर तारा बना है तो ऐसे व्यक्ति को किसी भी क्षेत्र में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
- सफलता उसके कदम चूमती है, तो धन, मान, पद, प्रतिष्ठा उसके आगे-पीछे घूमती है।
- वह सदा उन्नति करता है, समाज में सम्मान पाता है और उसके जीवन में कोई कमी नहीं रहती है।
- शनि पर्वत पर तारा चिन्ह व्यक्ति को कम आयु में ही प्रबल भाग्य का वरदान देता है। ऐसे व्यक्ति एक बार जिस लक्ष्य की ओर चल पड़ते हैं, उसे समय से पहले पा लेते हैं। उनके मार्ग में कोई बाधा नहीं आती और वे जीवन में पूर्ण यश और सम्मान पाने में सफल होते हैं।
- सूर्य पर्वत पर बना तारा या नक्षत्र का चिन्ह जीवन में अपार धन की सौगात लाता है। ऐसे व्यक्ति के पास धन के भंडार भरे रहते हैं। भौतिक रूप से वह जीवन का हर सुख पाता है, तो शारीरिक और मानसिक रूप से भी वह पूरी तरह स्वस्थ और सुखी रहता है।
- बुध पर्वत पर यदि तारा बना हो, तो ऐसा व्यक्ति सफल व्यापारी बनता है। ऐसे जातक योजनाएं बनाने में परम कुशल होते हैं और उनकी योजनाएं हमेशा शुभ फलीभूत होती हैं। ऐसे व्यक्ति सफल कवि और साहित्यकार बनते भी पाए गए हैं।
- शुक्र पर्वत पर तारे का चिन्ह व्यक्ति को भोगी बनाता है। उसे अत्यंत सुंदर और स्वस्थ पत्नी मिलती है, इसके बाद भी उसके अनेक स्त्रियों के साथ संबंध रहते हैं।
- यदि मंगल रेखा पर तारे का चिन्ह हो तो वह व्यक्ति लड़ाई- झगड़े में फंसा रहता है और उसकी हत्या होती है।
- यदि विवाह रेखा पर तारे का चिन्ह हो तो ऐसे जातक का विवाह देर से और ढेर सारी बाधाओं के बाद ही हो पाता है।
- इसके बावजूद वह विवाह का सुख नहीं उठा पाता और उसका पूरा गृहस्थ जीवन दुखमय ही रहता है।
- यदि स्वास्थ्य रेखा पर तारे का चिन्ह हो तो व्यक्ति का स्वास्थ्य हमेशा कमजोर बना रहता है।
- उसे जीवन भर कोई ना कोई बीमारी बनी रहती है और उसकी मृत्यु भी अत्यंत दुखदायी परिस्थितियों में होती है।
- आयु रेखा पर बना तारा चिन्ह अत्यंत अशुभ होता है। ऐसे जातक की मृत्यु उसके यौवनकाल में ही होती देखी गई है।
- तर्जनी उंगली पर बना नक्षत्र का चिन्ह हर प्रकार से शुभ माना गया है। यह जीवन में समस्त प्रकार की शुभता का संकेत देता है।
- कुल मिलाकर नक्षत्र या तारा चिन्ह सामान्य फलदायी नहीं है।
- हथेली पर अपनी स्थिति के अनुरूप यह बड़े ही प्रबल परिणाम तीव्र परिमाण में देता है।
- चिन्हों का हथेली पर बनना किसी के वश की बात नहीं है और हर व्यक्ति अपने भाग्य के अनुरूप ही फल पाता है।
- इसके बावजूद तारा चिन्ह जीवन में भारी उठा- पटक करने की दशा दर्शाता है।
- हथेली पर इसकी स्थिति किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में बहुत स्पष्ट फलादेश दर्शाती है।

शनि पर्वत पर तारा चिन्ह

सुंदर और स्वस्थ पत्नी

जातक का विवाह













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