Shani Vakri 2023: शनि का वक्री होना अच्छा है या बुरा?
Shani Vakri 2023: शनि 17 जून 2023 से 141 दिनों के लिए वक्री हो रहा है। वक्री होने के तीन दिन पहले से शनि का प्रभाव प्रारंभ हो जाता है और वक्रत्व काल समाप्त होने के तीन दिन बाद तक शनि के वक्रत्व का प्रभाव बना रहता है।

शनि के बारे में अब तक यही माना जाता है कि वे कर्मफल दाता हैं और न्यायाधिपति कहलाते हैं लेकिन वास्तविकता तो यह है कि शनि का प्रभाव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र पर पड़ता है। शनि जब-जब वक्री होते हैं तब-तब सबसे पहले जातकों के रिश्तों को प्रभावित करते हैं। चाहे वह कोई भी रिश्ता हो।
बुद्धि को प्रभावित करते हैं शनि
शनि सभी राशि के जातकों के मस्तिष्क और बुद्धि को प्रभावित करके सबसे पहले उन चीजों, लोगों, वस्तुओं से दूर कर देते हैं जो उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय होती है।
रिश्तों पर होता है असर
चाहे वह कोई प्रियजन हो, कोई प्रिय वस्तु हो, कोई प्रिय पदार्थ हो, कोई प्रिय शहर, प्रिय नौकरी, प्रिय बिजनेस, प्रिय पशु-पक्षी ही क्यों न हों, शनि कुछ ऐसा चक्र रचते हैं कि मनुष्य से उनकी सर्वाधिक प्रिय वस्तुएं दूर होने लगती हैँ। शनि यह सब अपनी न्याय प्रक्रिया के तहत करते हैं, ताकि मनुष्य मजबूत बनकर, एकांत में रहकर अपनी छूट चुकी वस्तुओं का महत्व समझ सके और उन्हें दोबारा पाने का प्रयास कर सके।
अनेक राशियों के जातकों के रिश्ते खराब होंगे
शनि 17 जून से 4 नवंबर तक वक्री रहेंगे। इन 141 दिनों में अनेक राशियों के जातकों के रिश्ते खराब होंगे, रिश्तों से भटकाव होगा, दांपत्य जीवन में संकट आ सकता है। यह इसलिए होगा ताकि मनुष्य उन रिश्तों की सच्चाई समझ सकें, अपनों-परायों का भेद कर सके और आगामी जीवन में उन रिश्तों को सहेजने के प्रति सजग हो सके।
अपने-परायों का भेद करवाता है शनि
शनि मनुष्य को उसके अपने-परायों का भेद करना सिखाता है। शनि के वक्री होने के दौरान जातक के पास केवल वही रिश्ते रह जाते हैं जो वास्तव में उन्हें चाहते हैं। जो अनावश्यक होते हैं, बनावटी होते हैं, ऊपर से अच्छे किंतु भीतर से द्वेष रखते हैं वे सब छूटते जाते हैं।
किन पर प्रभाव ज्यादा
- कुंभ राशि में गोचर कर रहे शनि की साढ़ेसाती मकर, कुंभ और मीन राशि पर चल रही है।
- कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि का लघु कल्याणी ढैया चल रहा है। इन पर प्रभाव अधिक रहेगा।












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