रक्षाबंधन पर आ रहा है चंद्र ग्रहण, संकट में आएंगी ये राशियां

By: पं. गजेंंद्र शर्मा
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नई दिल्ली। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा यानी 7 अगस्त 2017 सोमवार को रक्षाबंधन पर इस बार खंडग्रास चंद्रग्रहण का योग बन रहा है। रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण और भद्रा का योग बनने के कारण लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि श्रावणी उपाकर्म कब किया जाए और राखी कब बांधी जाए।

चंद्रग्रहण, गर्भावस्था, सेहत और अंधविश्वास...आखिर सच क्या है?

भद्रा की समाप्ति और चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बीच के समय में रक्षाबंधन, श्रावणी उपाकर्म और श्रवण पूजन करना शुभ रहेगा।

चंद्र ग्रहण का 7 अगस्त की रात्रि 10 बजकर 40 मिनट पर प्रारंभ

चंद्र ग्रहण का 7 अगस्त की रात्रि 10 बजकर 40 मिनट पर प्रारंभ

उज्जैन की श्री विक्रमादित्य पंचांग के अनुसार खंडग्रास चंद्र ग्रहण का 7 अगस्त की रात्रि 10 बजकर 40 मिनट पर प्रारंभ होगा। इसका मध्य काल 11 बजकर 39 मिनट पर होगा तथा मोक्ष मध्यरात्रि में 12 बजकर 35 मिनट पर होगा। इस प्रकार ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटा 55 मिनट रहेगी। ग्रहण का सूतक काल 7 अगस्त की दोपहर 1 बजकर 40 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा। भद्रा 7 अगस्त को दोपहर 11.29 बजे तक रहेगी। इसलिए रक्षाबंधन, श्रावणी उपाकर्म और श्रवण पूजन प्रातः 11.30 से दोपहर 1.39 के मध्य संपन्न करें।

ऐसे समझें

ऐसे समझें

  • ग्रहण का स्पर्श: रात्रि 10.40 बजे
  • ग्रहण का मध्य: रात्रि 11.39 बजे
  • ग्रहण का मोक्ष: रात्रि 12.35 बजे
  • कुल अवधि : 1 घंटा 55 मिनट
 मकर राशि, श्रवण नक्षत्र में होगा चंद्रग्रहण

मकर राशि, श्रवण नक्षत्र में होगा चंद्रग्रहण

7 और 8 अगस्त की मध्यरात्रि में हो रहा यह चंद्रग्रहण भारत समेत एशिया के अधिकांश देशों, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय देशों, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों में दिखाई देगा। यह चंद्रग्रहण मकर राशि और श्रवण नक्षत्र में होगा। इसलिए अलग-अलग राशियों पर ग्रहण का अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। ग्रहण के प्रभाव से मेष, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मीन ये पांच राशियों की किस्मत चमकने वाली है। इन राशियों वाले लोग यदि बेरोजगार हैं तो इन्हें उच्च पद वाली नौकरी मिलेगी। अविवाहित हैं तो विवाह पक्का हो जाएगा, संतान नहीं है तो संतान की प्राप्ति होगी और यदि धन की कमी से जूझ रहे हैं तो धन की प्राप्ति होगी।

ग्रहण मिश्रित फलदायी

ग्रहण मिश्रित फलदायी

वृषभ, कर्क और धनु राशि वालों के लिए ग्रहण मिश्रित फलदायी रहेगा। यानी उनके कुछ काम अच्छे होंगे तो कुछ में बाधाएं भी आएंगी। चूंकि ग्रहण मकर राशि पर है इसलिए मकर के साथ मिथुन, तुला और कुंभ राशियां बुरे प्रभाव से गुजरेंगी। इन राशि वालों को मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य खराब होगा, धन की हानि होने के संकेत हैं। इन राशि वाले भगवान शिव की विशेष आराधना पूजा करें। ग्रहण काल में ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना सभी राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।

ग्रहण काल में ये काम न करें

ग्रहण काल में ये काम न करें

शास्त्रों में ग्रहण काल के दौरान कुछ कार्यों को न करने के निर्देश दिए गए हैं। वे काम हैं ग्रहण काल में भोजन न करें। गर्भवती स्त्रियां बाहर न निकलें, उन पर चंद्र की छाया बिलकुल न पड़े इस बात का ध्यान रखें। सहवास न करें, झूठ न बोलें। निद्रा का त्याग करें। चोरी न करें। किसी भी प्रकार के पाप कर्म से दूर रहें और ग्रहण काल में शिव या गायत्री मंत्र का जाप करते रहें।

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English summary
Raksha Bandhan is celebrated in Shravana month during full moon day or Purnima day.
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