Rahu Shani Yuti: मीन राशि में खत्म हुई राहु-शनि की युति, इन राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन
Rahu Shani Yuti Hindi: राहु के राशि बदलते ही मीन राशि में बनी हुई राहु शनि की युति समाप्त हो गई। फिलहाल शुक्र भी मीन राशि में ही है। इसलिए देखा जाए तो राहु, शनि और शुक्र की युति समाप्त हो जाएगी। मुख्यत: राहु और शनि की युति समाप्त होने के कारण इनसे जुड़ी राशियों को राहत मिलेगी। अभी राहु शनि साथ मिलकर और उग्र फल दे रहे थे।
अब सबसे ज्यादा राहत की सांस मीन राशि के जातक लेंगे। इनके कार्यों में बनी हुई रुकावट दूर हो जाएगी, स्वास्थ्य लाभ होगा, रोग दूर होंगे, धन आने के मार्ग खुलेंगे। पारिवारिक और सामाजिक जीवन में लाभ होगा।

राहु और शनि की युति मीन राशि में होने का असर
राहु भ्रम, भटकाव, इच्छाओं का विस्तार, माया और अनिश्चितता को दर्शाता है जबकि शनि अनुशासन, कर्मफल, देरी, संघर्ष, यथार्थता का ग्रह है। इसके अलावा मीन राशि जल तत्व की राशि है जो संवेदनशीलता, आध्यात्मिकता और कल्पना से जुड़ी होती है। जब राहु और शनि मीन राशि में एक साथ आते हैं, तो मानसिक भ्रम, डर और अवसाद की प्रवृत्ति बढ़ती है।
झूठे गुरुओं के चक्कर में फंसने की आशंका रहती है
आध्यात्मिक भ्रम या झूठे गुरुओं के चक्कर में फंसने की आशंका रहती है। कर्मों का कठोर परीक्षण चल सकता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जिनकी कुंडली में मीन राशि महत्वपूर्ण स्थान पर है जैसे लग्न, चंद्र या राशि स्वामी हो।
मकर और कुंभ पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा था
अभी तक मीन राशि में बनी हुई इन दोनों ग्रहों की युति के कारण मीन राशि के जातकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा शनि की राशियों मकर और कुंभ पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। अब ये राशियां शांति महसूस करेंगी।
राहु-शनि की युति समाप्त होने पर क्या होगा?
युति समाप्त होकर राहु और शनि अलग-अलग राशियों में चले गए हैं तो प्रभावों में अनेक प्रकार के परिवर्तन आएंगे। जातक के भ्रम और मानसिक अस्थिरता में कमी आएगी। राहु के अलग होते ही जो मानसिक भ्रम, अनजाने डर और व्यर्थ चिंता थी, वह घटने लगेगी। शनि अकेले होने पर अब वह राहु के भ्रमित प्रभाव से मुक्त होकर निष्पक्ष न्याय करेगा। यानी आपकी निर्णय क्षमता मजबूत होगी और आपके पिछले प्रयासों का फल मिलने लगेगा। राहु शनि युति समाप्त होने पर जातक अधिक गहराई से ध्यान, साधना या आत्मविश्लेषण कर सकता है। झूठे मार्गदर्शन या आध्यात्मिक भ्रम से राहत मिलती है।
किन राशियों पर होगा असर
- मीन, कन्या, धनु, और मिथुन राशि वालों को यह बदलाव विशेष रूप से राहत देने वाला हो सकता है।
- जिनकी कुंडली में राहु-शनि की दशा या अंतर्दशा चल रही हो, उन्हें इस परिवर्तन का प्रभाव अधिक महसूस होगा।
क्या करना चाहिए इस परिवर्तन के बाद?
शनि और राहु के उपाय (जैसे दान, मंत्र जप) युति समाप्त होने के बाद भी कुछ समय तक करते रहें, क्योंकि प्रभाव धीरे-धीरे उतरता है। अगर युति के दौरान कोई मानसिक या व्यावसायिक परेशानी आई थी, तो अब सुधार की दिशा में कार्य करें।












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