भावुक प्रेमी होते हैं पुष्य नक्षत्र में जन्मे जातक, जानिए इनकी और खूबियां

Written By:
Subscribe to Oneindia Hindi
Astrology

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों के चक्र में पुष्य आठवां नक्षत्र होता है। इसे नक्षत्रों का राजा कहा गया है, क्योंकि इस नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि हैं। सभी नक्षत्रों में इसे सर्वाधिक शुभ नक्षत्र की संज्ञा दी गई है। इसमें किया गया कोई भी कार्य पुण्यदायी और तुरंत फल देने वाला होता है। वार के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग होने से गुरु पुष्य और रवि पुष्य जैसे महायोगों का निर्माण होता है, जिनमें खरीदी करने का विशेष महत्व माना गया है। क्या आप जानते हैं नक्षत्रों का भी मनुष्य पर काफी प्रभाव पड़ता है। प्रत्येक नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक का स्वभाव, रूप और गुण नक्षत्रों के अनुसार तय होता है। आइये आज जानते हैं पुष्य नक्षत्र में जन्म लेने वाले बालक-बालिका कैसे होते हैं।

पुष्य नक्षत्र का स्वामी है शनि

पुष्य नक्षत्र का स्वामी है शनि

पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो नित नए-नए कार्य की ओर प्रवृत्त रहने का संकेत देता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों में हमेशा नए कार्य के प्रति रूचि रहती है। वे एक जगह बैठकर काम करना पसंद नहीं करते। नए-नए कार्य करते रहना इन्हें सबसे प्रिय होता है। इसी कारण ये अधिक मेहनती भी होते हैं। अपने देवता बृहस्पति के कारण इन्हें जीवन में मान-सम्मान और प्रशंसा भी भरपूर मिलती है, लेकिन कभी-कभी सफलता मिलने में देर भी हो सकती है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बालकों की बुद्धि तेज होती है और आगे बढ़ने के रास्ते भी खुद ही खोज लेते हैं चाहे कोई कितना भी इन्हें पीछे धकेलने का प्रयास करे। पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोग शांत हृदय, सर्वप्रिय, विद्वान, पंडित, प्रसन्न्चित्त, माता-पिता की सेवा करने वाले, ब्राह्मणों और देवताओं का आदर और पूजा करने वाले, धर्म को मानने वाले, बुद्धिमान पुत्रयुक्त, धन वाहन से संपन्न् होते हैं।

भावुक प्रेमी होते हैं पुष्य नक्षत्र में जन्में जातक

भावुक प्रेमी होते हैं पुष्य नक्षत्र में जन्में जातक

पुष्य नक्षत्र व्यक्ति को भावनात्मक बनाता है। भावुकता के कारण एक अच्छे प्रेमी, अच्छे पति, अच्छी पत्नी, और अच्छे पिता या माता हो सकते हैं। किसी भी संबंध को ये पूर्णता तक निभाते हैं। कभी किसी को बीच में नहीं छोड़ते और न ही किसी के दिल को ठेस पहुंचाते हैं। इस नक्षत्र वाले लोग दोस्ती भी दिल से निभाते हैं। मित्रों पर कभी कोई संकट आए तो आधी रात को भी उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं।

लक्ष्य के प्रति समर्पित

लक्ष्य के प्रति समर्पित

बात यदि करियर की करें तो पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोग अपने लक्ष्य के प्रति बेहद संवेदनशील और गंभीर होते हैं। इन्हें कोई भी कार्य बीच में छोड़ना पसंद नहीं है। जो भी काम हाथ में लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। अपने लक्ष्य पर नजर रखते हुए आगे बढ़ते हैं और मेहनत से उसे हासिल कर ही लेते हैं। यदि कोई बिजनेस प्रारंभ करते हैं तो उसमें उत्तरोत्तर तरक्की करते जाते हैं। अपनी वाक चातुर्य के कारण बातों ही बातों में सामने वाले को मोहित करके अपना काम निकलवाना ये खूब जानते हैं। कल्पनाशीलता की अधिकता होने के कारण पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोग एक अच्छे लेखक, कवि, दार्शनिक, साहित्यकार या भविष्यवक्ता भी हो सकते हैं। किंतु इनका भाग्योदय 25 वर्ष की आयु के बाद होता है।

अलग-अलग चरणों में जन्म का फल

अलग-अलग चरणों में जन्म का फल

प्रत्येक नक्षत्र के चार चरण होते हैं। पुष्य नक्षत्र के चारों चरणों का अलग-अलग जन्मफल होता है।
प्रथम चरण: इस चरण का स्वामी सूर्य है। पुष्य नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मा व्यक्ति भाग्यशाली होता है एवं यात्राओं द्वारा धन अर्जित करता है। अपनी प्रतिभा के कारण वाहन, भवन, जमीन, पद एवं प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।
द्वितीय चरण: इस चरण का स्वामी बुध है। पुष्य नक्षत्र के दूसरे चरण में जन्मा व्यक्ति एक से अधिक स्रोतों से धन अर्जित करता है। अपनी वाकपटुता के कारण हर व्यक्ति से मधुर संबंध बना कर रखता है।
तृतीय चरण: इस चरण का स्वामी शुक्र है। पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्मा व्यक्ति विद्यावान होता है। उच्च शिक्षा प्राप्त करता है। शिक्षा जगम में इन्हें कई उपलब्धियां प्राप्त होती है। ऐसा जातक जिस भी कार्य में हाथ डालता है उसे सफलता अवश्य मिलती है।
चतुर्थ चरण: इस चरण का स्वामी मंगल है। पुष्य नक्षत्र के चौथे चरण में जन्मा व्यक्ति धार्मिक स्वभाव वाला होता है। जातक धार्मिक और परोपकारी कार्यों में पूर्ण रूचि रखता है। ऐसा जातक प्रत्येक कार्य को उसके अंजाम तक पहुंचाकर दम लेता है।

पुष्य नक्षत्र पर एक नजर

पुष्य नक्षत्र पर एक नजर

नक्षत्र देवता : बृहस्पति
नक्षत्र स्वामी : शनि
राशि : कर्क
राशि स्वामी : चंद्र
वर्ण : ब्राह्मण
वश्य : जलचर
योनि : मेढ़ा
गण : देव
नाड़ी : मध्य

ये भी पढ़ें:पांच प्रकार की होती हैं तिथियां, जानिए किसमें कौन-सा कार्य करना होता है शुभ

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Pushp Nakshatara Born People Nature, Personality And Quality, Know Here.

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more