Bhado Mass 2023: भाद्रपद मास में ग्रह बदलेंगे राशियां, जानिए अच्छा है या बुरा?
Bhadrapada or Bhado Mass: संवत 2080 का छठा महीना भाद्रपद होता है। इसे भादव मास भी कहा जाता है। भाद्रपद मास 1 सितंबर से प्रारंभ होकर 29 सितंबर तक रहेगा। आयुर्वेद के अनुसार इस मास में दही का सेवन नहीं किया जाता है। दही कफ में वृद्धि करता है और इससे शरीर में वात-पित्त-कफ में असंतुलन हो जाने से व्यक्ति बीमार पड़ सकता है इसलिए दही का सेवन वर्जित किया गया है।

भाद्रपद मास में अनेक प्रमुख और बड़े व्रत-पर्व-त्योहार आते हैं। इस महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर जहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है वहीं शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर गणेशजी की स्थापना कर दस दिनी उत्सव मनाया जाता है। इस मास में भौम प्रदोष, कुशोत्पाटिनी अमावस्या, हरितालिका तीज, डोल ग्यारस जैसे अनेक प्रमुख पर्व-व्रत आएंगे। बड़े ग्रह राशि परिवर्तन भी करेंगे।
ग्रहों का परिवर्तन
- 4 सितंबर- गुरु वक्री सायं 7:43
- 4 सितंबर- शुक्र मार्गी प्रात: 6:51
- 15 सितंबर- बुध पूर्व में उदय सायं 4:23, बुध मार्गी रात्रि 1:47
- 17 सितंबर- सूर्य कन्या में दोप 1:29 से
- 24 सितंबर- मंगल अस्त रात्रि 11:09 से
भाद्रपद मास के प्रमुख व्रत-पर्व-त्योहार
- 2 सितंबर- सातुड़ी तीज, कज्जली तीज
- 3 सितंबर- बहुला चौथ, संकट चतुर्थी
- 4 सितंबर- चांद छठ
- 6 सितंबर- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी स्मार्त, अर्द्धव्यापिनी रोहिणी युक्त अष्टमी
- 7 सितंबर- श्रीकृष्ण जन्मष्टमी वैष्णव, गोकुलोष्टमी
- 8 सितंबर- गोगा नवमी
- 10 सितंबर- अजा एकादशी, रविपुष्य संयोग सायं 5:07 से दूसरे दिन प्रात: 6:15 तक
- 11 सितंबर- वत्स द्वादशी
- 12 सितंबर- भौम प्रदोष व्रत
- 14 सितंबर- कुशोत्पाटिनी अमावस्या, सिद्धपितृ अमावस्या
- 17 सितंबर- वराह जयंती
- 18 सितंबर- हरितालिका तीज
- 19 सितंबर- गणेश चतुर्थी, गणेश पार्थिव स्थापना, कलंक चतुर्थी
- 20 सितंबर- ऋषि पंचमी
- 21 सितंबर- हल छठ
- 22 सितंबर- महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ
- 23 सितंबर- श्रीराधा अष्टमी, दुर्गाष्टमी, भागवत सप्ताह प्रारंभ
- 24 सितंबर- तेजादशमी
- 26 सितंबर- जलझूलनी एकादशी वैष्णव
- 27 सितंबर- प्रदोष व्रत
- 28 सितंबर- अनंत चतुर्दशी व्रत, पार्थिव गणेश विसर्जन
- 29 सितंबर- प्रौष्ठपदी पूर्णिमा, भागवत सप्ताह पूर्ण, श्राद्धपक्ष प्रारंभ, पूर्णिमा का श्राद्ध












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