Pisces Yearly Horoscope 2025:मीन राशि वालों के लिए साल 2025 कैसा रहेगा? पढ़िए वार्षिक राशिफल

Pisces Yearly Horoscope 2025 (मीन का वार्षिक राशिफल): मीन राशि (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

मीन राशि के लिए कैसा रहेगा साल 2025 आइए जानते हैं वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से-

वर्षारंभ पूर्व से लेकर मीन राशि के स्वामी बृहस्पति आगामी दिनांक 14 मई 2025 तक तीसरे स्थान में भ्रमण करेंगे। इससे आप स्वपराक्रम से धनार्जन करेंगे।

Pisces Horoscope 2025

नौकरी-व्यवसाय में परेशानी, राजभय, शारीरिक पीड़ा, पारिवारिक कलह, भाग्य में उतार-चढ़ाव, मित्रों को कष्ट, आत्मीयजन का वियोग, कष्टदायक यात्राएं एवं पारिवारिक अर्थाभाव की स्थिति बन सकती है।जन्मांग में गुरु की स्थिति अच्छी होने पर उपर्युक्त अशुभफलों में कमी आएगी।

गुरु चतुर्थ स्थान में भ्रमण करेंगे जो शुभप्रद नहीं है

14 मई से 18 अक्टूबर तक व 5 दिसंबर से वर्ष पर्यन्त गुरु चतुर्थ स्थान में भ्रमण करेंगे जो शुभप्रद नहीं है। शत्रुवृद्धि, मनस्ताप, मातृकष्ट, पद-प्रतिष्ठा व व्यावसायिक क्षेत्र में अवरोध, चल-अचल संपत्ति में अकारण परेशानी, प्रियजनों का वियोग, शोकपूर्ण प्रसंग का होना राजभय एवं संतान सुख में अड़चनें आएंगी, जन्मचक में गुरु बलवान होने पर नेष्टफलों में कमी आएगी।

शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा, नौकरी व व्यवसाय में अवरोध

वर्षारंभ पूर्व से लेकर 29 मार्च तक शनि की साढ़ेसाती का प्रथम ढैय्या चांदी के पाए से मस्तक पर रहने से शुभाशुभ फल प्राप्त होंगे। शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा, नौकरी व व्यवसाय में अवरोध, राजकीय संकट, निरर्थक व्यय, संतान को कष्ट, आत्मीयजनों का वियोग तथा कार्यों में हानि होगी। 29 मार्च से शनि की साढ़ेसाती का दूसरा ढैय्या हृदय पर सोने के पाए से प्रारंभ होगा।

जन्म कुंडली में शनि बलवान होने पर अशुभ फलों में कमी

शारीरिक पीड़ा, कार्यों में बाधा, स्वजनों का वियोग, जीवनसाथी व भातृपीड़ा, आर्थिक स्थिति में कमजोरी, भागीदारी से हानि, स्थान परिवर्तन, शिक्षा में रूकावट तथा मित्रों से मतभेद होगा, जन्म कुंडली में शनि बलवान होने पर अशुभ फलों में कमी आएगी।

भ्रमण करने पर अचानक धनलाभ, भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि

वर्षारंभ पूर्व से लेकर 18 मई तक राहु प्रथम व केतु सप्तम स्थान में भ्रमण करने पर अचानक धनलाभ, भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि, संतानसुख, राज्यकृपा, शिक्षा में उन्नति, स्थायी संपत्ति में वृद्धि, संतान का भाग्योदय, यशोमान में वृद्धि, दांपत्य जीवन में अल्प समय का मतभेद तथा मानसिक संताप बना रहेगा। 18 मई से डेढ़ वर्ष पर्यन्त राहु द्वादश व केतु छठे स्थान में भ्रमण करेगा जो शुभप्रद नहीं है। निरर्थक व्यय, शारीरिक सौख्यता में कमी, नौकरी-धंधे में रूकावट, शत्रु वृद्धि आर्थिक परेशानी, नेत्ररोग, घर छोड़कर बाहर निवास एवं राजकीय संकट भी आने के योग बनेंगे।

भाग्य की प्रतिकूलता, अपघात व द्रव्य हानि हो सकती है

वर्ष पूर्व से लेकर 21 जनवरी तक तथा आगे 2 अप्रैल से 6 जून तक नीच राशिस्थ मंगल पंचम स्थान में भ्रमण करेगा। अतः संतति पीड़ा, उग्रता, अकारण यात्राएं, शत्रुभय विद्या अध्ययन में विघ्न बाधा, पारिवारिक क्लेश, भाग्य में उतार-चढ़ाव व मंत्रणा शक्ति में कमी आएगी। 21 जनवरी से २ अप्रैल तक मंगल चतुर्थ स्थान में रहने से अचल संपत्ति में परेशानी, मातृकष्ट, अस्वस्थता व कुटुम्बिक कलह होगी। 6 जून से 28 जुलाई तक मंगल छठे स्थान में भ्रमण से शत्रुनाश, आरोग्यता, धनलाभ, कोर्ट में अनुकूलता एवं महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण होंगे। 28 जुलाई से 13 सितंबर तक मंगल सप्तम-अष्ठम स्थान में भ्रमण करने पर दांपत्य सुख में अवरोध, भागीदारी से हानि, मनस्ताप, शारीरिक पीड़ा, रक्त विकार, भाग्य की प्रतिकूलता, अपघात व द्रव्य हानि हो सकती है।

वर्ष का उपाय

मीन राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में रहेंगे। इसलिए इस राशि के जातकों को वर्ष शुभता के साथ बिताने के लिए हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए।

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