Palmistry: क्या आपके हाथ में है रहस्यमयी विष्णु चिन्ह?
नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र हथेली में मौजूद स्थायी रेखाओं के अलावा विशेष प्रकार के चिन्हों के आधार पर किसी जातक के भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में सटीक जानकारी देता है। हथेली में अनेक प्रकार के चिन्ह और उनके समूह होते हैं जो अपना प्रभाव जातक के जीवन पर डालते हैं। इनमें कुछ सामान्य चिन्ह होते हैं तो कुछ विशिष्ट। इन्हीं विशिष्ट चिन्हों में से एक है विष्णु चिन्ह। वैसे तो विष्णु चिन्ह अनेक प्रकार के चिन्हों का समूह है जैसे शंख, चक्र, गदा, पद्म, मत्स्य, कूर्म आदि लेकिन यह सब प्रकट चिन्ह कहलाते हैं। एक और विशिष्ट और रहस्यमयी चिन्ह है जो इन सबसे अलग है और वह विशेष विष्णु चिन्ह कहलाता है। यह विष्णु चिन्ह जिस जातक की हथेली में होता है वह भाग्यशाली होता है। धनवान होता है, अनेक संपत्तियों और भूमि का मालिक होता है। संपूर्णता में कहा जाए तो ऐसा व्यक्ति अपने समय का महान व्यक्ति बनता है। दुनिया उसका अनुसरण करती है।

कैसे बनता है विशिष्ट विष्णु चिन्ह?
विष्णु चिन्ह हृदय रेखा और गुरु पर्वत के तालमेल से बनता है। हथेली में हृदय रेखा सबसे ऊपर की ओर होती है। यह रेखा हथेली में चंद्र पर्वत या कनिष्ठिका अंगुली के नीचे से प्रारंभ होकर बृहस्पति पर्वत यानी तर्जनी अंगुली की ओर चंद्राकार में बढ़ती है। कभी-कभी यह रेखा सीधी और सपाट होती है। जब हृदय रेखा अपने अंतिम सिरे पर जाकर दो हिस्सों में बंट जाए और इसका एक सिरा तर्जनी और मध्यमा के बीच में तथा दूसरा सिरा गुरु पर्वत पर जाकर रूक जाए तो यह अंग्रेजी के वी जैसा आकार बनाता है। दरअसल यही विष्णु चिन्ह कहलाता है।

हृदय रेखा एक समान पतली, लालिमा लिए हो...
इस चिन्ह के लिए यह जरूरी है कि हृदय रेखा एक समान पतली, लालिमा लिए हो, कहीं से कटी-फटी ना हो और निर्दोष हो। यह रेखा ना तो अधिक मोटी, चौड़ी हो और ना ही अधिक पतली। तभी विष्णु चिन्ह माना जाता है अन्यथा नहीं।

क्या होता है परिणाम?
जिस जातक की हथेली में विष्णु चिन्ह होता है वह आम लोगों से बहुत अलग होता है। जीवन में ऊंचाइयां छूता है। ऐसे जातक पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। ऐसा जातक अत्यंत भाग्यवान होता है। इसके पास धन-संपदा की कोई कमी नहीं होती है। अनेक भूमि और भवनों का मालिक होता है। यदि किसी जातक की हथेली में सूर्य पर्वत उन्न्त हो और सूर्य रेखा भी निर्दोष हो तो जातक राष्ट्राध्यक्ष बनता है। उसकी साख पूरे विश्व में फैलती है। आमतौर पर विष्णु चिन्ह वाले जातक बड़े वैज्ञानिक, संत-महात्मा, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री, बड़े आध्यात्मिक गुरु बनते हैं।
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