Palmistry: धन, सम्मान और आयु की सूचक होती हैं मणिबंध रेखाएं
नई दिल्ली, 16 जून। हस्तरेखा शास्त्र में मणिबंध रेखा को जीवन रेखा के बाद सबसे महत्वपूर्ण रेखा कहा गया है। यह रेखा न केवल आयु की जानकारी देती है वरन इससे धन, संपत्ति और मान-सम्मान की प्राप्ति भी पता लगती है। मणिबंध रेखा कलाई पर होती है। कलाई पर तीन आड़ी रेखाएं मणिबंध रेखाएं कहलाती हैं। कुछ हाथों में चार मणिबंध रेखाएं भी होती हैं। ये रेखाएं स्वास्थ्य, धन, प्रतिष्ठा, सम्मान एवं आयु की सूचक होती हैं।

मणिबंध रेखा के संबंध में कुछ तथ्य
- मणिबंध रेखा से कोई रेखा निकलकर ऊपर की ओर जाती हो तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। वह अपने जीवनकाल में संपूर्ण सुखों का भोग करता है।
- यदि मणिबंध रेखा से निकलकर कोई रेखा चंद्र पर्वत की ओर जा रही हो तो ऐसा जातक कई बार विदेश यात्राएं करता है।
- यदि कलाई पर चार मणिबंध रेखाएं हों तो उसकी पूर्ण आयु 100 वर्ष, तीन मणिबंध रेखाएं हों तो आयु 75 वर्ष, दो रेखाएं होने पर आयु 50 वर्ष और एक रेखा होने पर आयु 25 वर्ष होती है।
- यदि मणिबंध रेखाएं टूटी हुई या छिन्न-भिन्न हों तो उस व्यक्ति के जीवन में लगातार बाधाएं आती रहती हैं। इसके विपरीत यदि रेखाएं स्पष्ट, निर्दोष हों तो प्रबल भाग्योदय के योग बनते हैं।
- यदि मणिबंध रेखाएं जंजीरदार हो तो जातक के जीवन में कोई न कोई बाधा आती रहती है। मणिबंध रेखा पर यव का चिह्न सौभाग्य का सूचक है। यदि बिंदु हो तो पेट संबंधी रोग आते हैं। द्वीप का चिह्न हो तो दुर्घटनाएं होती हैं।
- जंजीर के समान मणिबंध रेखाएं दुर्भाग्य की सूचक होती हैं।












Click it and Unblock the Notifications