हिंदू नव संवत्सर 2074 के शुभ आगमन पर जानिए कुछ खास बातें
इस बार विक्रमीय संवत् 2074 का नाम साधारण संवत्सर है। इस संवत्सर का राजा मंगल है और मन्त्री गुरू है।
लखनऊ। विक्रम संवत् का आरम्भ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से होता है। इस दिन प्रातः 8 बजकर 30 मिनट तक अमावस्या है तत्पश्चात अगले सूर्योदय के पूर्व ही प्रतिपदा समाप्त हो रही है। अतः प्रतिपदा तिथि की क्षय होने से ग्रन्थ निर्णय सिन्धु के अनुसार 28 मार्च दिन मंगलवार को ही नव संवत्सर का आरम्भ माना जायेगा।


विक्रमीय संवत् 2074 का नाम साधारण संवत्सर
इस बार विक्रमीय संवत् 2074 का नाम साधारण संवत्सर है। इस संवत्सर का राजा मंगल है और मन्त्री गुरू है। सूर्य ग्रह के पास नीरसेश एंव सस्येश दो पद है।
मंगल के पास राजा एंव रसेश के दो महत्पूर्ण विभाग है। शुक्र के पास धान्येश एंव शनि के पास धनेश विभाग है। बुध के पास मेघेश, फलेश एंव दुर्गेश तीन विभाग है। अतः आकाशीय मन्त्रि मण्डिल 5 मन्त्रि मण्डल शुभ ग्रहों के पास है और पॉच मन्त्रिमण्डल अशुभ ग्रहों के पास है।

साधारण नामक संवत्सर का राजा मंगल
साधारण नामक संवत्सर का राजा मंगल है एंव मन्त्री गुरू। मंगल के अन्दर अग्नि कारक, विस्फोटक, साहसी, उर्जावान आदि गुण होते है। गुरू सत्व प्रधान है, राजनीतिक व शिक्षा का कारक भी है। अतः राजा का सलाहकार बहुत ही बुद्धिमान, नेक व ईमानदार होगा जिससे राजा को सही मार्गदर्शन प्राप्त होगा। राजा मंगल होने के फलस्वरूप भ्रष्टाचार पर अपेक्षित अंकुश लगेगा।

राजा के कार्यो की जनता प्रशंसा करेगी
पड़ोसी राज्यों से मधुर सम्बन्ध स्थापित करने का पूरा लगभग निष्फल ही रहेगा। राजा देश व राज्य के हित के लिए कठोर निर्णय लेने में लेश मात्र भी संकोच नहीं करेगा। राजा के कार्यो की जनता भूरि-भूरि प्रशंसा करेगी। आर्थिक विकास की दर बेहतर होगी, आतंकवादी प्रयास निष्फल होगें। अतीत में किये गये विभिन्न प्रकार के घपले व भ्रष्टाचार के मामलें प्रकाश में आयेगी। दोषियों व अपराधियों को कठोर-कठोर से सजा मिलेगी।

आर्थिक उन्नति की शुरूआत होगी
मन्त्री गुरू होने के कारण संसद व विधान सभाओं में तनावपूर्ण स्थिति होने के बावजूद भी राजा के सलाहकार राजा को ऐसी सलाह देंगे जिससे सत्ता पक्ष व विपक्ष में विवाद की स्थिति कम रहेगी। आर्थिक उन्नति के लिए विशेष योजनाओं की शुरूआत होगी। इस संवत्सर में दो चन्द्र ग्रहण पड़ रहे है। इन दोनों ग्रहणों का धार्मिक महत्व है किन्तु इन ग्रहणों के कारण दैवीय अपदाओं में वृद्धि के साथ-साथ समाज के मानवीय मूल्यों का हनन भी हो सकता है।

दिल दहला देने वाली घटना ...
देश के पूर्वी व उत्तरी राज्यों में सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दे सकती है। संवत्सर का मन्त्रिपरिषद सुगठित व वैचारिक दृष्टि से एकमत वाला बना रहेगा। इस प्रकार अच्छी वर्षा होगी, उत्तम कृषि होगी एंव जनता सुख शान्ति से युक्त होकर अपना जीवन व्यतीत करेगी।
न्यायिक व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ कठोर कद्द उठाये जा सकते है।












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