Nautapa 2021 : इस बार समुद्र तट पर रहेगा रोहिणी का वास
नई दिल्ली, 19 मई । सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर 25 मई 2021 को प्रात: 8.46 बजे से प्रारंभ होगा। सूर्य लगभग प्रत्येक 15 दिनों में एक नक्षत्र का भोग कर लेता है लेकिन रोहिणी नक्षत्र में इसके भ्रमण को नौतपा कहा जाता है क्योंकिइस नक्षत्र में जब सूर्य आता है तो पृथ्वी के ताप में वृद्धि होती है। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को प्रात: 6.40 बजे तक रहेगा। उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएगा। इस संपूर्ण भ्रमणकाल के प्रारंभिक नौ दिन अत्यधिक गर्मी वाले रहते हैं इसलिए इसे नौतपा कहा जाता है। नक्षत्र मेखला की गणना के अनुसार इस बार रोहिणी का वास समुद्र तट पर रहेगा जो उत्तम वर्षा के योग बना रहा है।

सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में परिभ्रमण काल 14 दिन का रहेगा। इनमें से पहले नौ दिन नौतपा कहलाते हैं। यह समय आगामी वर्षा ऋतु के चक्र को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष मेष संक्रांति के प्रवेश समय पर चंद्रनक्षत्र भरणी होने से रोहिणी का वास समुद्र तट पर है- तटे वृष्टि सुशोभना:। रोहिणी का वास समुद्र तट पर तथा समय का वास रजक के घर होगा। यह स्थिति वर्षा ऋतु में उत्तम वृष्टि का संकेत दे रही है। इस बार 80 फीसद से अधिक बारिश होने के योग बन रहे हैं।
ऋतु चक्र दे रहा अच्छी बारिश के संकेत
इस बार वर्षा ऋतु का चक्र अलग-अलग प्रकार से अपनी स्थिति दर्शा रहा है। इसमें भारतीय ज्योतिष शास्त्र की गणना के मूल तत्व से संबंधित ऋतु चक्र के आधार ®बदु क्रमश: नक्षत्र, मेघ व नाग इन तीनों का विशेष प्रभाव नजर आ रहा है। क्योंकि27 नक्षत्रों में रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व है। साथ ही नवधा मेघ व चतुर्धा मेघ तथा द्वादश नागों का अलग-अलग प्रकार के वर्ष अनुक्रम में स्थापित होना वर्षा ऋतु के चक्र को कम या अधिक करता है। संयोग से इस बार चतुर्धा मेघ में सम्वर्त मेघ का अनुक्रम आ रहा है, जो श्रेष्ठ वर्षा की ओर संकेत कर रहा है। साथ ही द्वादश नाग के अंतर्गत सुबुध्न अथवा सुबुद्घ नामक नाग की साक्षी अच्छी वृष्टि कराने में सक्षम है।
ऐसा रहेगा नौतपा का प्रभाव
नौतपा के शुरुआती छह दिन तेज गर्मी के साथ उमस परेशानी पैदा करेगी। गर्म हवाअों के चलने से सूर्यास्त के बाद भी गर्मी का अनुभव होगा। आखिरी तीन दिन में तेज हवाअों के साथ बूंदाबांदी तथा कहीं-कहीं मध्यम बारिश के भी योग बनेंगे।
मंगल-शनि का षड़ाष्टक और सूर्य से द्विद्र्वादश योग बढ़ाएगा गर्मी
इस बार रोहिणी में तीव्र गर्मी होने की संभावना है। मंगल का शनि से षड़ाष्टक योग और सूर्य से द्विद्र्वादश योग पृथ्वी का तापमान बढ़ाकर गर्मी का प्रकोप बढ़ाएगा। मंगल मिथुन राशि में है और इससे अष्टम शनि मकर राशि में है। शनि से षष्ठम मंगल है। इसी तरह मिथुन के मंगल से वृषभ राशि का द्वादश सूर्य है। यह ग्रह योग गर्मी में वृद्धि करने वाला साबित होगा।












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