15 फरवरी से 3 मार्च तक बुध का कुंभ राशि में गमन, बनेगा बुधादित्य योग, होगा आप पर असर
नई दिल्ली। ज्ञान, बुद्धि, विवेक, निर्णय क्षमता और बौद्धिकता का प्रतीक ग्रह बुध 15 फरवरी को रात्रि 3.32 बजे कुंभ राशि में प्रवेश कर रहा है। यह 3 मार्च तक इसी राशि में रहेगा। इसके बाद 3 मार्च को प्रात: 7.02 बजे कुंभ से निकलकर मीन राशि में चला जाएगा। इधर सूर्य ने भी 13 फरवरी को मकर से कुंभ में प्रवेश किया है। इस तरह कुंभ राशि में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। जानिए आपकी राशि पर इस योग का क्या होगा असर...
- मेष : इस राशि के लिए बुधादित्य योग का निर्माण ग्यारहवें भाव में होगा। यह स्थान आय का स्थान होता है और चूंकि कुंभ शनि की राशि है, इसलिए मेष राशि की वालों की आय में इस दौरान उतार-चढ़ाव बनेगा। बुधादित्य योग जहां धन आगमन के रास्ते खोलेगा, वहीं शनि की राशि कुंभ होने के कारण पैसों के कुछ पुराने मामले अटके रहेंगे। बीच-बीच में धन की आवक धीमी हो जाएगी।
- वृषभ : वृषभ राशि के लिए बुधादित्य योग का निर्माण दशम स्थान में हो रहा है। यह कर्म स्थान कहलाता है। दशम भाव से नौकरी, कार्य, व्यवसाय आदि की जानकारी हासिल की जाती है। वृषभ राशि के लिए इस स्थान में बुधादित्य योग बनना शुभ है। इन्हें नौकरी में प्रमोशन मिलेगा। पारिवारिक और सामाजिक स्थिति में सम्मान प्राप्त होगा। व्यापारियों के लिए समय कार्य विस्तार का रहेगा।
- मिथुन : इस राशि वालों के लिए नवम स्थान में योग का निर्माण होगा। यह धर्म स्थान है इसलिए इस राशि वालों का मन धर्म-कर्म में अधिक लगेगा। घर-परिवार में किसी बड़े धार्मिक आयोजन की रूपरेखा बनेगी। आर्थिक समस्याएं भी इस योग के कारण समाप्त हो जाएंगी। रूका पैसा इस दौरान मिलने के योग हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी।

कर्क-सिंह-कन्या
- कर्क : कर्क राशि के लिए बुधादित्य योग अष्टम स्थान में बनेगा। इस स्थान में शनि की राशि कुंभ अष्टम हो जाएगी, जो कष्टप्रद है। कर्क राशि वालों को इस स्थान में शुभ योग का शुभ परिणाम कम ही मिलेगा। 3 मार्च तक मानसिक कष्ट से गुजरेंगे। बीमारियों पर खर्च होगा। परिवार में वाद-विवाद बनेगा। एक अच्छी बात यह होगी कि पुराना फंसा हुआ पैसा आपके पास लौट आएगा।
- सिंह : सिंह राशि वालों का सप्तम स्थान इस योग के प्रभाव में रहेगा। यह दांपत्य सुख और जीवनसाथी का भाव है। इस स्थान में बुधादित्य योग बनना दांपत्य जीवन के लिए अच्छा है। प्रेमी-प्रेमिका इस दौरान अपने रोमांस को एंजॉय करेंगे। एक-दूसरे को महंगे गिफ्ट का आदान-प्रदान करेंगे। जो लोग प्यार या विवाह से वंचित है, उनकी बात इस दौरान बनती नजर आ रही है।
- कन्या : यह राशि चक्र की छठी राशि है और इसका स्वामी बुध है। इस राशि के लिए योग का निर्माण छठे भाव में होगा। यह रोग का स्थान है, लेकिन बुधादित्य योग के शुभ प्रभाव के कारण इस राशि के लोग बीमारियों से मुक्त हो जाएंगे। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। नौकरी पेशा को वेतनवृद्धि मिलेगी।
- तुला : तुला राशि के लिए पंचम स्थान में बनने वाला बुधादित्य योग लाभकारी होगा, क्योंकि सूर्य, बुध के साथ शुक्र भी मौजूद है जो इस राशि का स्वामी भी है। इन्हें अब तक संतान को लेकर आ रही परेशानियों से निजात मिलेगी। संतान को कोई सम्मान प्राप्त होगा। नि:संतान दंपतियों की गोद इस गोचर के कारण भर सकती है। आर्थिक प्रगति के रास्ते खुलेंगे।
- वृश्चिक : इस राशि के सुख स्थान यानी चतुर्थ भाव में योग बनेगा। इनके सुख में वृद्धि होगी। भौतिक सुख-सुविधाओं, भूमि-भवन, संपत्ति के कार्य होंगे। घर में नया वाहन खरीदने के योग बनेंगे। लेकिन ध्यान रहे खर्च की अधिकता के कारण मानसिक तनाव में भी आ सकते हैं, इसलिए जिस भी कार्य में पैसा लगाएं पहले उसके बारे में अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।
- धनु : धनु राशि वालों के लिए तीसरे स्थान में बनने वाला बुधादित्य योग भाई-बंधुओं से मेलजोल बढ़ाएगा। आपके जो परिजन अब तक रूठे हुए हैं, उन्हें मनाने में आप कायमाब होंगे। संपत्ति को लेकर भाई-बंधुओं से कोई विवाद चल रहा है तो उसका भी निपटारा शांतिपूर्वक हो जाएगा। मुकदमों में जीत मिलेगी। आपके शत्रु परास्त होंगे। धन के कारण किसी काम में रूकावट नहीं आएगी।
- मकर : राशि की चक्र की दशम राशि मकर के लिए बुधादित्य योग का निर्माण धन स्थान यानी दूसरे भाव में हो रहा है। इस राशि वालों को खुश हो जाना चाहिए क्योंकि इन्हें 3 मार्च तक अच्छी मात्रा में धन प्राप्त होने वाला है। कहीं से अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। उधार दिया पैसा भी लौट आएगा। नया भवन या प्लॉट खरीदना चाहते हैं तो कोशिश करें मिल जाएगा।
- कुंभ : इस राशि में ही सूर्य, बुध की युति हो रही है। इसलिए शुभ प्रभाव इस राशि के लोगों पर रहेगा। शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी। आर्थिक समृद्धि की राह पर आगे बढ़ेंगे। इस राशि के अविवाहितों को विवाह सुख प्राप्त होगा। नेत्र और मानसिक रोगियों को बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। इस राशि का स्वामी शनि है इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
- मीन : राशि चक्र की अंतिम राशि मीन का स्वामी बृहस्पति है और इस राशि के लिए जातकों के लिए बुधादित्य योग का निर्माण द्वादश भाव यानी व्यय स्थान में हो रहा है। खर्च पर लगाम आपको स्वयं लगाना होगी वरना कर्ज लेने की नौबत आ सकती है। किसी भी नए कार्य का निर्णय सोच-विचारकर और परिवार के अनुभवी लोगों की सलाह लेकर ही करें।

तुला-वृश्चिक

धनु-मकर













Click it and Unblock the Notifications