Shani Dev: रवियोग में आए शनिवार के दिन बदल जाएगी किस्मत इसलिए आज जरूर करें ये काम
Ravi Yoga: शनि को ग्रहों में न्यायाधिपति की संज्ञा दी गई है। वे मनुष्य को उनके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार शुभाशुभ फल प्रदान करते हैं।
शनि की पीड़ा जिसे होती है वह मनुष्य हमेशा आर्थिक, पारिवारिक, सामाजिक और स्वास्थ्य के मामले में परेशान रहता है। शनि की साढ़े साती, ढैया, पनौती और दृष्टियों के कारण मनुष्य को फल प्राप्त होते हैं।

आज हम जानते हैं शनि की दृष्टियों का कैसा प्रभाव होता है और उन्हें अपने लिए शुभ करने के लिए क्या किया जाना चाहिए।
शनि की तीन दृष्टियां होती हैं। शनि जन्मकुंडली के जिस घर में बैठता है वहां से तीसरे, सातवें और दसवें घर को देखता है। शनि जिस घर को देखता है उससे जुड़े शुभाशुभ प्रभाव मनुष्य के जीवन में देखने को मिलते हैं। शनि यदि कुंडली में पहले से खराब स्थिति में है तो जातक को अशुभ फल ही प्राप्त होते हैं।
क्या उपाय करें
शनि की अशुभ दृष्टियों को ठीक करने के लिए शनिवार के दिन कुछ विशिष्ट उपाय किए जाते हैं। 18 मई को रवियोग के साथ आ रहे शनिवार के दिन शनि को प्रसन्न करने के उपाय करना चाहिए जो सार्थक साबित होंगे।
आप 108 नीले पुष्प और 108 शमी पत्र लें
- इस शनिवार के दिन आप 108 नीले पुष्प और 108 शमी पत्र लें। इन्हें किसी शनि मंदिर में जाकर शनिदेव के चरणों में अर्पित करें। शनि के मंत्र ऊं शं शनैश्चराय नम: का एक माला काले हकीक की माला से जाप करें।
- इसके बाद लगातार सात शनिवार यह जाप करें। कुंडली में शनि की दृष्टियां आपके लिए शुभ काम करने लगेंगी।
- शनिवार के दिन शनि मंदिर के बाहर जो भिखारी बैठे रहते हैं उन्हें नए जूते-चप्पल पहनाएं।
- शनिवार के दिन गरीबों की सहायता करें। यदि वे रोगी हैं तो उनके उपचार और दवाई का प्रबंध करें।
- इस शनिवार के दिन एक मिट्टी का कलश लेकर उसमें काले उड़द भर दें और कलश को ऊपर से काले कपड़े से बांध दें। इस कलश को अपने सिर से पैर की तरफ किसी से सात बार उतार लें और फिर इसे किसी पवित्र नदी में बहा दें। इससे कुंडली में शनि संतुलित होगा और आपको शुभ फल देने लगेगा।
- रवियोग के शनिवार के दिन सवा सौ ग्राम बादाम अपने हाथ से नदी में बहाने से राहु और शनि दोनों की शांति होती है।












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