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Rahu Effect: राहु के अशुभ होने पर करें ये उपाय मिलेगा फायदा

लखनऊ। भारतीय ज्योतिष शास्त्रों में राहु को अन्य ग्रहों के समान महत्व दिया गया है, पाराशर ने राहु को तमों अर्थात अंधकार युक्त ग्रह कहा है, उनके अनुसार धूम्र वर्णी जैसा नीलवर्णी राहु वनचर भयंकर वात प्रकृति प्रधान तथा बुद्धिमान होता है,नीलकंठ ने राहु का स्वरूप शनि जैसा निरूपित किया है। यदि आप राहु से पीड़ित हो, आपको राहु की दशा-अन्तरदशा चल रही हो या राहु छठें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो या या पाप ग्रहों से युत दृष्ट हो, किसी भी प्रकार राहु कमजोर हो तो राहु की शान्ति हेतु दुर्गा सप्तशती तथा हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

राहु अचानक सम्पत्ति या विपत्ति देता है

राहु अचानक सम्पत्ति या विपत्ति देता है

  • राहु अचानक सम्पत्ति या विपत्ति देता है। विद्युत स्पर्शाघात, छूत की बीमारी तथा कारावास दण्ड भी राहु देता है। अनिष्ट व्यर्थ भटकाता है व तेज बुखार बढ़ाता है। यदि राहु कुंडली में अनिष्टप्रद स्थिति में हो तो-
  • नारियल को दरिया में बहा देने से राहुकृत दोष तथा अरिष्ट नष्ट हो जाते है।
  • जौ को धोकर बहते पानी या दरिया में बहा देने से भी राहुकूल दोष दूर हो जाते है।
  • राहु अगर पीड़ित हो तो शनिवार को प्रातः 9 बजंे से 10ः30 मि0 के बीच बहतु हुये पानी में 250 ग्राम कोयला प्रवाहित करने से राहु शान्त होकर शुभ फल देने लगता है।
  • मेहतर को मूली, सरसों, कोयले या काली वस्तु दान करने से राहु जनित कष्ट दूर हो सकते है।
  • काले धन को परोपकार के कार्य में लगा देने से शान्ति मिलती है

    काले धन को परोपकार के कार्य में लगा देने से शान्ति मिलती है

    • यदि राहु अष्टम भाव में या वृश्चिक राशि में हो तो खोटे सिक्के को दरिया में डाल देने से अथवा काले धन को परोपकार के कार्य में लगा देने से शान्ति मिलती है।
    • राहु के कारण अगर आप बीमार चल रहे है तो अपने वजन के बराबर जौ किसी जमादार को दान करने से लाभ होता है।
    • जौ के कुछ दाने रात को सिरहाने रखें फिर सुबह पक्षियों को खिलाने से फायदा होता है।
    • यदि कोर्ट-कचहरी में मुकदमा हो दण्डछ की सम्भावना हो, नुकसान हो तो स्वयं के वजन के बराबर कोयले पानी में प्रवाहित करें।
    • यदि पंचम भाव में राहु हो तो सन्तान व पत्नी सुख में बाधा आती है। इसके लिए विधिपूर्वक पुनः विवाह करें और पैतृक मकान के प्रवेश द्वार पर चांदी का स्वास्तिक बनायें।
    • 12वें भाव में राहु होने पर व्यर्थ का लांछन व आर्थिक तंगी बनी रहती है, इसके लिए रसोई घर में ही बैठकर भोजन करें।
    • राहु के पीड़ित होने पर नारियल समुद्र में बहाएं

      राहु के पीड़ित होने पर नारियल समुद्र में बहाएं

      • राहु के पीड़ित होने पर नारियल समुद्र में बहाएं, शरपुंखा की वनस्पति से स्नान करें, चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें व हाॅथी दाॅत को गले में धारण करें।
      • अगर राहु के कारण कारोबार में दिक्कतें चल रही है तो शनिवार के काला सूरमा जमीन में दबायें।
      • मस्तक पर तेल या दूध-दही का तिलक लगाने से उत्तम फल मिलता है।
      • आर्थिक संकट से आप गुजर रहें है तो कुएॅ में दूध गिरायें व रात को दूध न पियें।
      • राहु-केतु अगर दसवें स्थान में हो तो सौंफ, शहद, खांड मिलाकर मंगल के मन्त्र से हवन से करें।
      • लोहे की बांसुरी में शक्कर भरकर बाहर जंगल में दबायें।
      • यदि आप राहु से अधिक पीड़ित है तो पत्थर पर बैठकर दूध से स्नान करना शुभ रहेगा। नहाते समय पांव का तलुवा कच्ची जमीन पर न लगायें।

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