Holika Dahan 2023: होली पर भद्रा का साया, जानिए कब होगा होलिका-दहन?
Holika Dahan 2023 Time: भद्राकाल में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है इसलिए होलिका दहन पर इस काल का खास ध्यान देना चाहिए।

Holika Dahan 2023 (भद्राकाल): इस वर्ष होलिका दहन को लेकर संशय बना हुआ है। कई जगह 6 मार्च 2023 को होलिका दहन होगा तो कई जगह 7 मार्च को किया जाएगा। यह स्थिति भद्रा होने के कारण बनी है। पूर्णिम पर भद्रा तो रहती ही है लेकिन इस बार दहन काल में भद्रा होने के कारण संशय की स्थिति है। पंचांगों के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा 6 मार्च सोमवार को सायं 4.19 बजे से 7 मार्च मंगलवार को सायं 6.10 बजे तक रहेगी। भद्रा 6 मार्च को सायं 4.19 से 7 मार्च प्रात: 5.14 बजे तक रहेगी। 6 मार्च को प्रदोषकाल सायं 6.29 से रात्रि 9.10 बजे तक रहेगा और भद्रा का पुच्छकाल रात 12.43 से रात 2.01 बजे तक रहेगा।
यह है शास्त्रीय निर्णय
होलिका दहन भद्रा में निषेध है पर यही भद्रा मध्यरात्रि के बाद समाप्त होती है तो भद्राकाल के अंतर्गत प्रदोषकाल अथवा भद्रापुच्छ में होलिका दहन की शास्त्राज्ञा है। यदि दूसरे दिन पूर्णिमा साढ़े तीन प्रहर से अधिक हो साथ में वृद्धिगामिनी हो तो होलिका दहन दूसरे दिन पूर्णिमा में किया जाता है। यहां दिनांक 6 मार्च को प्रदोषकाल में व रात्रि में पूर्णिमा है, भद्रा भी सायं 4.19 से दूसरे दिन सूर्योदय पूर्व 5.14 तक रहेगी। दूसरे दिन पूर्णिमा साढ़े तीन प्रहर से अधिक सायंकाल 6.10 तक रहेगी किंतु प्रतिपदा तिथि ह्रासगामिनी होने से पूर्णिमा तिथि में भद्रांतर्गत प्रदोषकाल अथवा भद्रापुच्छ में होलिका दहन किया जा सकेगा।
दूसरे दिन प्रदोष में पूर्णिमा न हो तो पहले दिन करें होलिका दहन
यदि भद्रा निशीथ के बाद समाप्त हो रही है तो भद्रा के मुख को छोड़कर होलिका दहन किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त प्रदोष में भद्रामुख हो तो भद्रा के बाद अथवा प्रदोष के बाद होलिका दहन किया जाना चाहिए। दोनों दिन प्रदोष में पूर्णिमा स्पर्श न करे तो पहले दिन ही भद्रा पुच्छ में होली जलाएं। इस वर्ष 6 मार्च को होलिका दहन होगा, जबकि 7 मार्च को स्नान-दान की पूर्णिमा रहेगी।












Click it and Unblock the Notifications