Hanuman Jayanti 2018: जानिए हनुमान क्यों हैं लाल-लाल?
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नई दिल्ली। हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है, इस साल यह पर्व 31 मार्च को है। हनुमान जी शक्ति और बुद्धी के देवता कहे जाते हैं, किसी भी मुसीबत में लोग उन्हीं को याद करते हैं। भगवान शिवजी के 11वें रुद्रावतार, सबसे बलवान और बुद्धिमान माने जाते हैं। बाल्मिकी की रामायण के अनुसार इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं।

जानिए इसके पीछे का राज
हिंदुस्तान के हर कोने में बजरंगबली की पूजा होती है लेकिन क्या कभी आपने सोचा कि हनुमान जी के ऊपर सिंदूर का लेप क्यों लगाया जाता है या फिर वो हमेशा लाल-लाल या नारंगी रूप में ही क्यों दिखते हैं, अगर नहीं तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या है इसके पीछे का राज?

मां सीता को सिंदूर लगाते हुए राम भक्त हनुमान ने देख लिया
दरअसल पौराणिक कथाओं के मुताबिक एक बार मां सीता को सिंदूर लगाते हुए राम भक्त हनुमान ने देख लिया था। उन्होंने सीता से इसको लगाने का कारण पूछा जिस पर मां सीता ने उत्तर दिया कि यह सिंदूर उनके भगवान यानी पति राम का प्यार और साथ का मानक है, भगवान राम हमेशा मेरे साथ रहें इसलिए मैं हमेशा अपनी मांग भरती हूं।

हनुमान जी लाल-लाल हो गए
जिस पर हनुमान जी ने कहा आप चुटकी भर सिंदूर से प्रभु को अपना बना लेती हैं तो चलिए आज से मैं अपने पूरे शरीर में सिंदूर का लेप लगाऊंगा और तब से ही हनुमान जी लाल-लाल हो गए।

लाल रंग प्रेम, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक
वैसे आपको बता दें कि लाल रंग प्रेम, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है और ये तीनों गुण ही हनुमान जी में है। यही नहीं यह भी कहा जाता है कि मंगलवार को जन्में लोग गति प्रेमी होते हैं, लेकिन गति को शक्ति की दरकार होती है इस कारण हनुमान जी को लाल वस्त्र पहनाया जाता है।












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