Guru Pushya Yoga: 25 नवंबर को गुरु-पुष्य संयोग, जानिए इसके बारे में सबकुछ
नई दिल्ली, 23 नवंबर। अगहन माह वैवाहिक कार्यो का माह होता है इसके बाद पौष माह में मलमास लग जाने के कारण विवाह आदि कार्यो पर प्रतिबंध लग जाता है। इसलिए इस माह में आने वाले गुरु पुष्य नक्षत्र के संयोग का विशेष महत्व होता है। वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को वैवाहिक सुख का प्रदाता माना गया है। बृहस्पति जब किसी जातक की जन्मकुंडली में शुभ अवस्था में होते हैं तो उत्तम वैवाहिक सुख प्रदान करते हैं, लेकिन जब बृहस्पति ठीक न हों या अन्य पाप ग्रहों से बृहस्पति का दृष्टि संबंध बन रहा हो तो वैवाहिक सुख में विलंब हो सकता है।

इसलिए गुरु पुष्य नक्षत्र के शुभ संयोग में वैवाहिक कार्यो की बाधा दूर करने के अनेक उपाय किए जाते हैं यदि आपके या आपके परिवार के किसी युवक-युवती के विवाह में विलंब हो रहा है। विवाह की बात बन नहीं पा रही है तो आप गुरु पुष्य नक्षत्र में ये उपाय जरूर करें। गुरु पुष्य का संयोग 25 नवंबर 2021 को आ रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र मध्य रात्रि के बाद तड़के 4.42 बजे तक रहेगा। अर्थात् पूरे दिन उपाय करने के लिए समय मिलेगा।
ये हैं कुछ विशेष उपाय
- जिन युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो पा रहा है, किसी न किसी कारण बाधा आ रही है। विवाह की बात पक्की होते होते रह जा रही हो तो वे गुरु पुष्य नक्षत्र के दिन केले के पेड़ की जड़ निकालकर लाएं। उसे घर लाकर गंगाजल से धोकर साफ करें। फिर कच्चे दूध का स्नान कराएं और फिर शुद्ध जल से साफ करके एक पीले कपड़े पर रखें। इसका पूजन हल्दी से करें। इसके बाद ऊं ज्ञां ज्ञीं ज्ञूं स: जीवाय स्वाहा: मंत्र की एक माला जाप करें। इस जड़ को उसी कपड़े में बांधकर दाहिनी भुजा में बांध लें या चांदी के ताबीज में भरकर गले में पहन लें। तीन माह में विवाह की बात बन जाएगी।
- हरिद्रा माला का सबसे बड़ा और कारगर प्रयोग वैवाहिक कार्यो में आ रही बाधा दूर करना है। जिन युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो रहा है, हर बार बात पक्की होते-होते अटक जाती हो उन्हें हरिद्रा माला धारण करना चाहिए। गुरु पुष्य के दिन भगवान लक्ष्मीनारायण का पूजन करके हरिद्रा माला को धारण करें। इसके बाद प्रत्येक गुरुवार को पूजन करते रहें और गुरुवार का व्रत करें। इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। शीघ्र विवाह का मार्ग खुलता है।
- गुरु पुष्य के दिन विवाह योग्य युवक युवतियां नहाने के पानी में दो चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें।
- इस दिन बृहस्पति की प्रसन्नता के लिए पीत रंग के वस्त्र पहनें।
- गुरु पुष्य के दिन पीला पुखराज पहनने से विवाह की बाधा दूर होती है।
- चंदन का तिलक करें। इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से विवाह की बात शीघ्र बनने लगती है।












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